गाजीपुर। बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार यातायात के मामले में पूरी तरह से गंभीर हो चुकी है। इसके लिए रोड सेफ्टी प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया है। सर्वप्रथम इसे सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के ऊपर लागू कर दिया गया है। निर्देश लागू होने के छह माह बाद भी सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों में पंजीकृत जिले के 885 वाहनों में से मात्र चार वाहनों का ही रोड सेफ्टी प्रमाण पत्र बन पाया है।
सड़क पर आए दिन हो रही दुर्घटना को देखते हुए विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हुए शासन के निर्देश पर सीबीएसई बोर्ड ने सेफ्टी प्रमाण पत्र बनवाने का निर्देश मान्यता प्राप्त विद्यालयों को दिया था। इससे विद्यालय के छोटे और बड़े वाहनों के चलने में किसी प्रकार दिक्कत का सामना न कराना पड़े। 15 वर्ष पुराने वाहनों को इस प्रमाण पत्र से दूर रखा गया है। बोर्ड के तमाम निर्देशों के बावजूद जिले में स्थापित करीब 35 मान्यता प्राप्त विद्यालयों ने अपने वाहनों का सेफ्टी प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है। सबसे आश्चर्य की बात यह कि इन विद्यालयों में करीब 885 निजी वाहनों में से मात्र चार वाहन का ही सेफ्टी प्रमाण पत्र बन पाया है। इस संबंध एआरटीओ विनय कुमार ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में चल रहे निजी वाहनों का रोड सेफ्टी प्रमाणपत्र नहीं बनने पर उनका परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से टीम गठित कर तैयारियां शुरू कर दी गई है।