मरदह(गाजीपुर)। अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने को लेकर रविवार की शाम महेंगवा गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निर्माणाधीन वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग का कार्य रुकवाकर राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरु कर दिया। काम शुरु कराने के लिए फील्ड इंचार्ज द्वारा समझाने-बुझाने पर भी ग्रामीण शांत नहीं हुए। इससे काम बंद रहा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने राजस्व विभाग पर भष्टाचार एवं मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि फोर लेन के लिए अधिग्रहित जमीन का आज तक मुआवजा नहीं मिला। जबकि एनएचआई द्वारा जमीन अधिग्रहण की नोटिस भेजी गई थी। प्राप्त नोटिस में साफ लिखा था कि नोटिस प्राप्त होने के 60 दिन के अंदर अधिग्रहित जमीन का मुआवजा धनराशि प्राप्त कर ले। इससे लोग मुआवजा धनराशि मिलने के प्रति आशान्वित थे। लगातार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी लेखपाल एवं सभी राजस्व कर्मचारियों के यहां चक्कर लगाने के बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिली। बावजूद इसके किसानों की जमीन पर मिट्टी आदि डालने का कार्य एनएचआई द्वारा शुरू कर दिया गया। काम रुकवाने की जानकारी होते होते ही फील्ड इंचार्ज आलोक सिंह मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन करने वाले किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान भोला चौहान, कामेश्वर चौहान, शनि कुमार, प्रमोद कुमार, हरिराम राम, सुनील राजभर, संतोष पांडेय, वीरेंद्र जायसवाल, प्रेमनाथ शर्मा, लल्लन राजभर, राजेंद्र जायसवाल, कृपाल खरवार, मेवाती, अच्छेलाल जायसवाल आदि किसान शामिल थे। इस संबंध में एनएचआई के अधिशासी अभियंता मोहन सिंह ने बताया कि वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग पर कहीं-कहीं जमीन के संक्रमणीय एवं असंक्रमणीय होने के बीच फंसा है, जिससे मुआवजा देने में दिक्कत आ रही है। इसका समाधान कराकर जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाएगा।