गाजीपुर। शहर में वर्ष 2018 में स्वीकृत सीवरेज पाइप लाइन का कार्य चल रहा है। साढ़े चार वर्ष में पांच हजार घरों में कनेक्शन हो पाए हैं। अब महज 53 दिनों में 5500 घरों में कनेक्शन का दावा किया जा रहा है।
काम की रफ्तार को देखते हुए इस लक्ष्य को कठिन माना जा रहा है। करीब 115 किमी कार्य हो चुका है लेकिन अब तक चैंबरों से घर के नाले-नालियों को जोड़ा ही नहीं गया है। कई इलाकों में तो मैनहोल के ढक्कन उठे हुए हैं तो कई जगहों पर ढक्कन तक का पता नहीं है।
नगर क्षेत्र में 25 वार्ड हैं, जबकि करीब 20 हजार से अधिक घर हैं। इन घरों से निकले वाला गंदा पानी नालियों से होकर करीब 15 नालों में गिरता है। ये नाले विभिन्न रास्तों से होकर गंगा में जाकर मिलते हैं।
गंदे पानी को स्वच्छ कर नदियों में बहाने के लिए देवकठिया में एसटीपी बनकर तैयार हो चुका है लेकिन घरों का कनेक्शन न होने के कारण वह जस का तस पड़ा है। सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के साथ 5000 घरों का कनेक्शन करने में साढ़े चार वर्ष लग गए। ऐसे में 53 दिनों में शेष 5500 घरों का कनेक्शन पूर्ण करने का दावा असमंजस की स्थिति बनाता है।
अभी लंका से विशेश्वरगंज तक मुख्य मार्ग पर सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य नहीं हो सका। ऐसे में इस दौरान पड़ने वाले मोहल्लों में बिछाई गई सीवरेज पाइप लाइन और उसके चैंबर से कैसे और कहां कनेक्शन होगा, यह भी कोई नहीं बता पा रहा।
जल निगम शहरी के जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि जुलाई तक यह पूरा कर लिया जाएगा।