गाजीपुर। जिले में 42 किमी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। करीब 6.29 करोड़ रुपये से 48 सड़क सुधरेंगी। इससे आवागमन सुगम होगा। 30 नवंबर को होने वाले टेंडर प्रक्रिया को लेकर विभाग ने तैयारियां जहां तेज कर दी है। वहीं प्रमुख मार्गों के बन जाने से हिचकोले खाने से लोगों को राहत मिल जाएगी।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल इस कदर बिछाया गया है कि कहीं भी आवागमन करने में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ऐसे में जिले के उन प्रमुख सड़कों को चिह्नित किया गया, जिस पर आवागमन करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। चिह्नित 48 मार्गों के निर्माण को लेकर स्वीकृति शासन को भेजी गई थी। वहां से हरी झंडी मिलने के साथ धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई। इसके बाद विभाग उन सड़कों के निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयारी शुरू कर दी, जिससे इन चयनित सड़कों का निर्माण समय से शुरू कराया जा सके। यहीं नहीं निर्माण के दौरान मानक व गुणवत्ता को पूर्ण हो उसके लिए भी विभागीय अधिकारियों ने जहां कमर कस ली है, वहीं निर्माण के समय प्रत्येक सड़कों पर नजर रखने के लिए टीम गठित करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
जिले की 48 सड़कों के निर्माण के निर्माण के लिए धनराशि मिल चुकी है। 30 नवंबर को टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने के बाद इन सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे करीब 96 से अधिक गांव की आबादी को फायदा मिलेगा।- बीएल गाैतम, एक्सईएन पीडब्लूडी
दस लाख की आबादी को मिलेगा फायदा
गाजीपुर। जिले में बनने वाली 48 सड़कों से करीब 10 लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। 96 गांवों के लोगों की यात्रा जहां सुगम होगी, वहीं सड़क हादसों पर कुछ हद तक अंकुश लग सकेगा।
इन सड़कों की होगी मरम्मत: फत्तेउल्लाहपुर हरिहरपुर बरहट मार्ग, सैदपुर रेलवे फीडर मार्ग, जिऊली देवगांव मार्ग से सहिचांदपुर मार्ग, ददरा दरबेपुर से डढ़वल मार्ग, सैदपुर चिरैयाकोट से मल्हीपुर संपर्क मार्ग, शादीभादी से अलिमापुर संपर्क मार्ग, गाजीपुर बहरियाबाद मार्ग से कादीपुर मार्ग, गाजीपुर बुजुर्गा नसीरपुर मार्ग से रूहीपुर विद्यापारा संपर्क मार्ग, मरदह जलालाबाद हरदासपुर रामपुर मार्ग, धर्मागतपुर संपर्क मार्ग सहित अन्य मार्ग शामिल हैं।
पांच वर्ष तक ठेकेदार कराएगा मरम्मत
जनपद की बनने वाली 48 सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर पांच वर्ष तक ठेकेदार द्वारा इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए भी शासन ने एक करोड़ 88 लाख 70 हजार रुपये अवमुक्त कर दिया है। ऐसे में इन सड़कों के पांच वर्ष में खराब होने पर धनराशि न होने का बहाना संबंधित ठेकेदार और विभाग भी नहीं बना सकेगा।