गाजीपुर। जनपद औद्योगिक रूप से पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है। इस कारण जिले में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच चुकी है। सेवायोजन पोर्टल पर दर्ज पंजीकरण के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में दर्ज शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 44740 है। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए जिला रोजगार कार्यालय की ओर से समय-समय पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। खास बात यह है कि 3069 युवा ऐसे बेरोजगार हैं, जिनके पास स्नातकोत्तर की डिग्री है।
जिले में रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों का अभाव है। इसके कारण शिक्षित व अशिक्षित बेरोजगारों की एक बड़ी फौज है। प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में युवा रोजगार की तलाश में बड़े महानगरों व गैर प्रदेशों का रुख करते हैं। साथ ही युवाओं का एक ऐसा बड़ा वर्ग भी है, जो लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। इसके लिए ऐसे युवा अपना पंजीकरण सेवायोजन पोर्टल पर कराते हैं। सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले युवाओं को रोजगार मेले में प्रतिभाग करने का मौका मिलता है।
इस मेले में विभिन्न प्राइवेट कंपनियां प्रतिभाग करती हैं। प्राइवेट कंपनियां आवश्यकतानुसार विभिन्न पदों के लिए आवेदकों का चयन करती हैं। कंपनियों में चयनित युवाओं का औसतन वेतन प्रति माह 7-12 हजार रुपये के साथ शुरू होता है। अनुभव के अनुसार यह वेतनमान बढ़ता रहता है। साथ ही सरकारी रिक्तियों के बारे में जानकारी भी मिलती है। पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद भी हर युवा को सरकारी व गैर सरकारी जॉब मिल जाए, इसकी गारंटी नहीं रहती है। जिला रोजगार सहायता अधिकारी विवेकानंद सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। सेवायोजन पोर्टल पर कुल 44740 युवा पंजीकृत हैं। इनमें अंडर हाईस्कूल 1032, हाईस्कूल, इंटर, आईटीआई व डिप्लोमा डिग्रीधारी युवा 28869, स्नातक 11770 व स्नातकोत्तर डिग्रीधारी युवा 3069 हैं।
आंकड़ों में रोजगार मेले में जॉब पाने वाले युवा
वित्तीय वर्ष 2023-24
रोजगार मेला का आयोजन - 59
चयनित युवा - 4109
वित्तीय वर्ष 2024-25, 31 अक्तूबर तक
रोजगार मेला का आयोजन - 16
चयनित युवा - 1251