सुहवल(गाजीपुर)। रेवतीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में मंगलवार को मीजल्स अभियान के संचालन के लिए ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें 26 नवंबर से चलने वाले इस टीकाकरण अभियान के बारे में कर्मचारियों को जानकारी दी गई। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि मीजल्स रुबेला बच्चों को होने वाली मुख्य बीमारियों में से एक है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैलने वाला रोग है। खसरे से ग्रस्त लोगों को खुले और हवादार कमरे में रखना चाहिए।
बैठक में सीडीपीओ माधुरी सिंह ने कहा कि बसंत ऋतु में इस रोग के फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। बीमार व्यक्ति के छींकने से इस बीमारी के फैलने का डर होता है। इसके लक्षणों में लाल रंग के चकत्ते, आंखों से पानी आना, कफ, सर्दी-खांसी शामिल है। इसमें खूब तेज बुखार होता है। खंड विकास अधिकारी हरिनारायन ने कहा कि इस बीमारी से गर्भपात, मृत या अपंग बच्चे के जन्म का खतरा रहता है। वयस्कों में बीमारी के और भी गंभीर होने की आशंका हो जाती है। खसरे के दौरान बच्चों को भूख नहीं लगती है। ऐसे में खाने की जगह उन्हें जूस पिलाते रहना चाहिए। इससे उनके शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी प्रभाकर यादव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, आशुतोष सिंह, एपी पांडेय, अभिषेक उपाध्याय, शैलजा राय, शैलेश राय, जयप्रकाश, मनोज, देवनाथ, आकाश कुमार आदि उपस्थित थे।