गाजीपुर। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को भी शहर के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में आस्था की बयार बही। भोर से ही श्रद्धालुओं ओर से मां के दर्शन-पूजन का जो क्रम शुरू हुआ, वह देर शाम तक बना रहा। इस दौरान भक्तों ने देवी की आराधना कर उनसे परिवार के मंगल की कामना की। गहमर स्थित मां कामाख्या धाम और करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मत्था टेका।
गहमर स्थित मां कामाख्या धाम पर सैकड़ों श्रद्धालु यात्री वाहनों के साथ ही अपने निजी साधन से पहुंचे। मां के चरणों में शीश नवाकर उनसे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी के मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने शक्ति स्वरूपा का दर्शन-पूजन किया। अन्य जिलों के भक्त भी मां का आशीर्वाद पाने के लिए पहुंचे थे। इसके साथ ही सुहवल के रेवतीपुर स्थित भगवती मां, दिलदारनगर स्थित सायर माता मंदिर, बहादुरगंज स्थित चंडी माता, जखनिया स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढिय़ा माई, देवकली स्थित चकेरी धाम, सैदपुर तहसील के पीछे स्थित काली मां, बहरियाबाद स्थित मां टढ़वा भवानी, मुहम्मदाबाद तहसील स्थित मनोकामना देवी मंदिर में पूरे दिन दर्शन-पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने देवी के चरणों में शीश झुकाकर उनसे मंगल की कामना की। दर्शन-पूजन के दौरान भक्तोें द्वारा घंट-घड़ियाल बजाने और मां का जयकारा लगाए जाने से आसपास का वातावरण देवीमय बना रहा। इसके अलावा, कासिमाबाद, दुल्लहपुर, नंदगंज, खानपुर, औड़िहार, करंडा, मरदह, बिरनो, जंगीपुर, भांवरकोल, सिधागरघाट, सेवराई, मतसा, जमानिया, सादात, भीमापार, शादियाबाद सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य देवी मंदिरों में पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।