गर्मी की छुट्टी के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खुल गए हैं। विद्यालयों में शिक्षिकाओं की कमी दूर नहीं हो सकी है। विद्यालयों में अभी 40 पद रिक्त है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इन पदों को भरने के लिए मांगे गए आवेदनों की जांच की जा रही है।
जिले के चौदह विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को मुफ्त आवासीय शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में छात्राओं के प्रवेश के लिए सौ-सौ सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें 75 प्रतिशत सीट पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के प्रवेश के लिए निर्धारित है। 25 प्रतिशत सीट सामान्य वर्ग की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए हैं।
कस्तूरबा विद्यालयों में एक वार्डेन, 4 फुल टाइम, 3 पार्ट टाइम शिक्षिकाओं के पद है। इस तरह से सभी चौदह ब्लाक में इनके 126 पद हैं। इसके सापेक्ष करीब 40 पद खाली हैं। प्रभारी बीएसए उदयचंद राय ने बताया कि शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनकी फीडिंग कर जांच की जा रही है। जल्द ही शिक्षिकाओं की कमी को दूर कर ली जाएगी। संवाद