जिले में 2.80 करोड़ रुपये से जर्जर हो चुके 4 पशु चिकित्सालयों की नए पशु चिकित्सालय बनाए जाएंगे। इससे पशु पालकों को सहूलियत मिलेगी। पशुपालकों को मवेशियों के उपचार के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। जनपद में कुल 52 राजकीय पशु चिकित्सालय हैं।
लेकिन, मुहम्मदाबाद, मरदह, परसनी, मिर्जापुर में राजकीय पशु चिकित्सालय जर्जर हो गए हैं। इनकी जगह नए पशु चिकित्सालय के निर्माण का निर्णय लिया गया है। एक राजकीय पशु चिकित्सालय के निर्माण पर 70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रस्ताव के अनुसार चिकित्सालयों में पशु चिकित्साधिकारी कक्ष, फार्मासिस्ट कक्ष, कृत्रिम गर्भाधन कक्ष, 2 स्टोर रूम, शौचालय-बाथरूम, पशुओं के बांधने का स्थान का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही दो सबमर्सिबल पंप भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा प्रकाश की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर कार्यदायी संस्था के रूप में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड का चयन किया गया है। वर्तमान में मृदा परीक्षण का कार्य चल रहा है। पशु पालन विभाग का दावा है कि इस महीने के अंत तक राजकीय पशु चिकित्सालयों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जनपद में कुल 9 लाख मवेशी और चार लाख पशु पालक है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि जनपद में चार राजकीय पशु चिकित्सालयों का निर्माण होना है। इसको शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है। बताया कि मुहम्मदाबाद, मरदह, परसनी, मिर्जापुर में पशु चिकित्सालय बनाए जाएंगे।