गाजीपुर। प्रदेश सरकार ने जिले के करंडा क्षेत्र में निर्माणाधीन रामपुर मांझा (नारी पचदेवरा) थाने के प्रशासनिक भवन के लिए खजाना खोल दिया है। लंबे समय से शेष धनराशि का इंतजार कर रहे इस प्रोजेक्ट के लिए शासन ने 3,67,52,000 रुपये की अवशेष राशि अवमुक्त करने की स्वीकृति दे दी है।
शासन के विशेष सचिव अन्नावि दिनेश कुमार की ओर से बीते आठ अप्रैल को जारी पत्र के अनुसार, इस नए थाने के निर्माण के लिए 10 अक्टूबर 2024 को कुल 746.14 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। इसमें से 373.07 लाख रुपये पहले ही जारी किए जा चुके थे। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बाकी बची पूरी धनराशि जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। विशेष सचिव अन्नावि दिनेशकुमार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता नहीं होगा। निर्माण से पहले पर्यावरण क्लीयरेंस और स्थानीय विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल इसी कार्य के लिए किया जाएगा और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता के लिए पुलिस मुख्यालय व कार्यदायी संस्था जिम्मेदार होगी। निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कर भवन का कब्जा विभाग को सौंपना होगा।
डिजिटल निगरानी में होगा काम : परियोजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए इसे सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में किसी भी अतिरिक्त खर्च (कॉस्ट ओवर रन) को रोकने के लिए कड़े वित्तीय दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इस नए थाने के बन जाने से गाजीपुर के करण्डा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।