गाजीपुर। कक्षा- एक और दो के बच्चों के सीखने के स्तर का पता लगाने के लिए 27 जनवरी से निपुण विद्यालय आकलन 350 डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित समझने की क्षमता को बेहतर किया जा सके। इसके तहत कक्षा-एक और दो के बच्चों की भाषा एवं गणित को सीखने-समझने की दक्षताओं का परीक्षण निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से किया जाएगा।
जिले में 2266 परिषदीय विद्यालयों में करीब दो लाख से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां विद्यालयों में संचालित की जा रही हैं।
जिले के 1916 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 1103 विद्यालय निपुण घोषित किए जा चुके हैं। प्रत्येक डीएलएड प्रशिक्षु को प्रतिदिन दो विद्यालयों का आकलन करना होगा जिसमें प्रत्येक विद्यालय से 24 बच्चे होंगे। इनमें कक्षा एक के 12 और कक्षा दो के 12 बच्चे शामिल होंगे। अगर किसी विद्यालय में बच्चों की संख्या 24 से कम है, तो सभी का आकलन किया जाएगा। 75 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे निपुण छात्र घोषित होंगे।
डीएलएड प्रशिक्षु अपने मोबाइल फोन या टैबलेट से आकलन करेंगे। निपुण लक्ष्य एप पर किए जाने वाले मूल्यांकन परिणाम का डाटा तैयार किया जाएगा और इसे विद्यालयों के शिक्षकों के साथ साझा किया जाएगा। मूल्यांकन की रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य को भेजी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से 27 जनवरी से आकलन शुरु कराने का आदेश जारी किया गया है।