कम उम्र में ही बच्चे घर छोड़कर निकल जा रहे हैं। कोई प्यार तो कोई फटकार से ऐसा कर रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले से हर रोज किशोर-किशोरियों के घर छोड़ने का एक मामला सामने आया।
वर्ष 2024 में तो इस तरह के 335 मामले आए थे। इसमें से 295 किशोर और किशोरियां मिलीं हैं। इसमें 90 प्रतिशत मामलों में प्यार और माता-पिता की फटकार शामिल रहे, जिसमें भी अधिसंख्य मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े रहे। हालांकि अब तक 40 लड़के-लड़िकयाें का पता नहीं चल सका है। उनमें भी 80 प्रतिशत से अधिक लड़कियां हैं। जबकि 24 घंटे के अंदर की बात करें तो जनपद में पांच मामले सामने आए हैं, जिसमें भी सबसे अधिक शहर कोतवाली क्षेत्र से कम उम्र के लड़के-लड़कियां घर से लापता हुए हैं। दो किशोर और दो किशोरी और एक युवती शामिल हैं।