गाजीपुर। अपनी तेरह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का धरना गुरुवार को भी विकास भवन में जारी रहा। इस मौके पर अध्यक्ष चंद्रप्रभा सिंह ने कहा कि हम लोग प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 22 अक्तूबर से लगातार धरनारत थे लेकिन हाईकोर्ट द्वारा निर्णय की तिथि आठ जनवरी मुकर्रर करने पर हम लोग धरना को समाप्त करते हैं। हमारा धरना समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि उसका प्रारूप बदला है। जिले की कार्यकर्ता और सहायिकाएं काली पट्टी बांधकर काम करेंगी।
मंडल संरक्षक जेसी तिवारी ने कहा कि जिले की कार्यकर्ताओं के पराक्रम के आगे सरकार को झुकना ही पड़ेगा। हमारा आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, हमने इसका प्रारूप बदला है। प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडेय उच्च न्यायालय लखनऊ पहुंच चुके हैं। न्यायालय के आदेश पर हमने प्रारूप बदला है। कोर्ट द्वारा आठ जनवरी की तारीख तय की गई है और कहा गया है कि तब तक आप लोग अपने केंद्र का संचालन करें। आठ जनवरी के बाद अब निर्णय लिया जाएगा, तब तक हम काली पट्टी बांधकर अपना सांकेतिक प्रदर्शन जारी रखेंगे। जिला संरक्षक अमरनाथ दुबे ने कहा कि आप लोगों को हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है। हमारा धरना समाप्त नहीं हुआ है। हमने अपने धरने का प्रारूप बदला है। मैं यह विश्वास दिलाता हूं कि जब तक हम 15 हजार रुपये मानदेय पा नहीं जाते, तब तक हमारा संघर्ष चलता रहेगा। हम काली पट्टी बांधकर अपना विरोध परिणाम पाने तक जारी रखेंगे। इस मौके पर महामंत्री डा. माया सिंह, जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता राजेश कुमार, लाची कुशवाहा, निर्मला सिंह, जिला महासचिव आशा जायसवाल, हीरा यादव, सीता सिंह, ऊषा वर्मा, कमला यादव, नीता सिंह, संगीता सिंह, माया राय, ममता अधिकारी, शीला चौहान, संगीता सिंह, रुबीना बेगम आदि दर्जनों कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थीं। अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष शीला तिवारी तथा संचालन शहर संरक्षक सतीश गुप्ता ने किया।