बारिश के बाद शहर के चित्रगुप्त चौराहा के पास सड़क पर बहता नाली का पानी। संवाद
गाजीपुर। जनपद में शुक्रवार को हस्त नक्षत्र में दिन भर रुक रुक हुई बारिश से तापमान करीब तीन डिग्री लुढ़क गया है। इस दौरान करीब 27 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति रही। इसके पूर्व के वर्षों में भी अक्तूबर में इंद्रदेव मेहरबान रहे हैं। हस्त नक्षत्र में होने वाली बरसात को किसान और ज्योतिषाचार्य फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हंै। ज्योतिषाचार्य मुनींद्र नाथ उपाध्याय कहते हंै कि हस्त नक्षत्र अगले एक सप्ताह तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान हुई बारिश फसलों व जनसामान्य के लिए लाभदायक होगी। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को पूरे दिन रुक-रुककर करीब 27 एमएम की बारिश हुई। बताया कि आगामी चार दिनों तक बारिश की संभावना है। दो दिनों तक तेज व मध्यम बारिश होगी। उसके बाद हल्की बारिश की संभावना है। कहा कि बारिश के चलते अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेंटीग्रेट की कमी दर्ज की गई है। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी हद तक राहत मिली। सुबह साढ़े 10 बजे के करीब हल्की बूंदाबांदी हुई। लेकिन, झमाझम बारिश का दौर सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुआ जोर देर शाम जारी रहा। बारिश होने से जो जहां था, वहीं ठहर गया। जब-जब बारिश कम हुई, तो लोग अपने-अपने गंतव्य के लिए भीगते हुए रवाना हुए। बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़ पसर गया था। दुबिह : क्षेत्र में बुधवार को दोपहर बाद तेज आंधी व जोरदार बारिश होने के कारण पकने को तैयार धान की फसल हवा और पानी से गिरकर चौपट हो गई। क्षेत्र के हरदासपुर, कमसड़ी, असावर, दुबिहा, नेवादा, गोविंदपुर, बखरीयाडीह, पाहुपुर, पातेपुर आदिद गांवों में भई धान की फसल को नुकसान हुआ है।
अब भी पूरा नहीं हुआ मानसून का कोटा- आपदा विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून से मानसून के सक्रिय होने के बाद भी निर्धारित मानक 974 एमएम के सापेक्ष अब तक जिले में महज 497.33 एमएम ही बारिश हुई। यानी जिले में इस बार करीब 476.67 एमएम कम बारिश रिकार्ड की गई है। हालांकि इसके पहले भी एक से पांच अक्तूबर के बीच वर्ष 2024 में चार, 2023 में 49.28 और 2022 में 22.18 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।