नवरात्र की महा अष्टमी पर शनिवार को शक्ति के महागौरी स्वरूप की उपासना की गई। इसके चलते जिलेभर के प्रमुख देवी मंदिरों में शनिवार को दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
करीमुद्दीनपुर स्थित कष्टहरणी माता मंदिर में देवीभक्तों ने अखंड दीप जलाकर 24 घंटे उसकी देखरेख और उपासना की। नवरात्र के दौरान अब तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने यहां अखंड दीप जलाए। उधर घरों में कलश स्थापित कलश के समक्ष भी व्रतियों ने विधिविधान से पूजापाठ, आरती की। अष्टमी पर शहर के मिश्रबाजार स्थित काली मंदिर, ददरीघाट, महुआबाग, सकलेनाबाद, नवापुरा, गोराबाजार, रौजा, नवाबगंज, हमीद सेतु स्थित काली मंदिर के साथ ही आसपास के अन्य मंदिरों में शक्ति स्वरूपा का पूजन किया।
उन्होंने माता रानी से मुराद पूरी करने के लिए कामना की। कामाख्या धाम में कतार में लगे भक्त जयकारे लगाते रहे। अपनी बारी आने पर श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी और नारियल अर्पित की। महंत आकाशराज तिवारी ने बताया कि 70 हजार श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
सैदपुर : मां गौरी के स्वरूप का दर्शन करने के लिए मां काली एवं शीतला मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
करीमुद्दीनपुर : मां कष्टहरणी मंदिर में श्रद्धालुओं ने घर में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए मां के चरणों में शीश झुकाया। बहादुरगंज संवाददाता के अनुसार मां चंडी धाम पर दिन भर जगतजननी के जयकारे गूंजते रहे।
दिलदारनगर : सायर माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता की आराधना की। उन्हें पूजन सामग्री अर्पित कर खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान शंख एवं घंटे की ध्वनि होती गूंजती रही।
जमानिया, भीमापार, सादात, कासिमाबाद, बहरियाबाद, नंदगंज, मरदह, बिरनो, देवकली, सेवराई, खानपुर, दुबिहा, करंडा, दुल्लहपुर आदि क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में भी दिनभर जयकारे और घंटनाद गूंजते रहे। रात में महिलाओं ने घरों की साफ-सफाई कर श्रद्धाभाव के साथ नवमी का पूजन किया।