गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की आगामी बोर्ड परीक्षा में गत वर्ष की अपेक्षा करीब 55 हजार परीक्षार्थी कम बैठेंगे। इसमें हाईस्कूल के 97 हजार से ज्यादा तथा इंटरमीडिएट में इस वर्ष 82 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए 242 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि यह अनंतिम सूची है। इस पर आपत्तियां मांगी गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद केंद्र की सूची फाइनल होगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2019 में होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तिथि सात फरवरी से घोषित कर दी गई है। इस वर्ष हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के एक लाख 80 हजार 242 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के 97294 तथा इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की संख्या 82948 है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या कम है। वर्ष 2018 की परीक्षा में दोनों कक्षाओं के दो लाख 36 हजार 86 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें हाईस्कूल के एक लाख 34 हजार 530 तथा इंटरमीडिएट के एक लाख 1556 पंजीकृत थे। जिले में गत वर्ष 279 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। उसमें से 37 केंद्रों को इस बार कम कर दिया गया है। केंद्रों की संख्या कम करने की वजह कुछ और नहीं बल्कि लगभग 55844 परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के कारण हुई है। गत वर्ष परीक्षा केंद्र बनाए गए करीब तीन दर्जन केंद्रों को काट दिया गया जबकि इनकी जगह 29 नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें कई केंद्रों के मानक पूरा न करने की चर्चा है। यही नहीं कुछ विद्यालय ऐसे हैं जो पूर्व में केंद्र बनने से वंचित नहीं रहे ऐसे विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है। इस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। अब तक करीब साढ़े तीन सौ आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि आपत्ति देने की अंतिम तिथि 23 नवंबर है। इसके बाद इनका निस्तारण किया जाएगा।
केंद्र के लिए मानक निर्धारित
गाजीपुर। बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्र के लिए जो मानक निर्धारित किया गया है उसमें सीसीटीवी कैमरा के साथ वायस रिकार्डर सभी कमरों में लगा होना चाहिए। इसके अलावा कम से कम दस शिक्षण कक्ष अवश्य होने चाहिए। विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय, पेयजल, बिजली और पर्याप्त मात्रा में डेस्क और बेंच उपलब्ध होने चाहिए। केंद्र पर आने-जाने का मार्ग सुलभ होना चाहिए। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य या प्रबंधक का निवास स्थान नहीं होना चाहिए।