जमानिया(गाजीपुर)। कस्बा के लोदीपुर मुहल्ला स्थित बुद्धं शरणं महाविद्यालय के डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर के प्रशिक्षु अध्यापक एवं अध्यापिकाओं ने गुरुवार को महाविद्यालय से रैली निकाल कर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। प्रशिक्षु अध्यापकों ने महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपजिलाधिकारी जमानिया को समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा।
प्रशिक्षु अध्यापकों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पारित आदेश के अनुसार वार्षिक प्रशिक्षण शुल्क 41 हजार रुपये का डीडी जमा कराया जाता है, लेकिन महाविद्यालय की तरफ से इसके अतिरिक्त 25 हजार रुपये और वार्षिक सुविधा शुल्क प्रत्येक प्रशिक्षुओं से जमा करा दिया जाता है। सुविधा के नाम पर महाविद्यालय में कोई सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं प्रशिक्षुओं की ओर से बिजली आदि की सुविधा मांगने पर प्रैक्टिकल में नंबर काट लेने का धमकी दी जाती है। आरोप है कि प्रैक्टिकल की परीक्षा के लिए तीन हजार रुपये प्रशिक्षुओं से वसूला जाता है। सरकार की तरफ से प्रशिक्षुओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य की गयी है। जबकि महाविद्यालय में 80 प्रतिशत उपस्थिति मांगी जा रही है। प्रशिक्षु अध्यापकों ने आरोप लगाया कि परीक्षा फार्म भरने के नाम पर 300 रुपये टीचिंग प्रमाण पत्र के नाम पर एक हजार वसूला जाता है। जिसकी रसीद भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। उपस्थिति कम होने पर अवैध धन उगाही की जाती है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी विनय कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षुओं की छह सूत्री मांगों से संबंधित पत्रक प्राप्त हुआ है। इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महाविद्यालय के प्रबंधक सत्यप्रकाश ने कहा कि प्रशिक्षुओं की तरफ से लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। ये प्रशिक्षु अनुशासन तोड़ रहे थे जिस पर फटकार लगाने से नाराज होकर इस प्रकार के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। इस अवसर पर साधना सिंह गरिमा खरवार ज्योति निगम अर्चना यादव सिमरन खातून चंद्रकला नूरजहां श्वेता राय मनीषा, करिश्मा मौर्या, आशा देवी, सीमा, सुनीता कुमारी, सरिता, पूजा, प्रतिभा, चंद्रप्रकाश जायसवाल, सुरेश यादव, रमाकांत गुप्ता शिवप्रताप यादव विजय कुमार, संदीप यादव आदि उपस्थित थे।