गाजीपुर। संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि दो वर्ष पहले जिले में आई इस व्यवस्था के तहत 8 हजार मरीजों को इस सुविधा का लाभ दिया गया था, लेकिन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की सुविधा इसमें शामिल नहीं थी। इसे इस बार शामिल किया गया है। गाजीपुर पहला जिला है जिसे दोबारा इस सेवा अवसर का लाभ मिल रहा है।
यह बातें उन्होंने गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के बाएं तरफ नवनिर्मित रेलवे पटरी पर विगत 22 दिसंबर से खड़ी 7 बोगी की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से सुसज्जित लाइफ लाइन एक्सप्रेस चिकित्सा व्यवस्था का उद्घाटन करने के बाद कही। श्री सिन्हा ने कहा कि विगत तीन दिनों में लाइफ लाइन ट्रेन के कैंसर परीक्षण में उभरकर सामने आया है कि अब तक 200 मुंह के कैंसर रोगी तथा 108 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इस रोग के लक्षण परिलक्षित हुए हैं। 16 जुलाई 1991 को पहली बार अप्रतिम प्रयोग देश के समाजसेवियों ने किया और एक ट्रेन को अस्पताल के रूप में बदल कर उससे समाज की सेवा का नया अवसर उपलब्ध कराया। यह लाइफ लाइन एक्सप्रेस स्टेट आफ आर्ट चिकित्सा सुविधाओं एवं उपकरणों से सुसज्जित है। अब तक एक लाख 26 हजार शल्य चिकित्सा तथा 10 लाख व्यक्तियों का उपचार किया है।
इंपैक्ट फाउंडेशन के लोगों ने सराहनीय प्रयास किया है। हमारे जिले में चिकित्सा की व्यवस्था अच्छी नहीं है लेकिन एक अच्छा प्रयास किया गया है। ग्रामीण स्तर के लिए पूर्व में चलाई गई सचल चिकित्सा वैन की संख्या 25 जनवरी से 2 और बढ़ाई जाएगी। लाइफ लाइन एक्सप्रेस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछली बार 8 हजार मरीजों का उपचार हुआ था। इस बार उपचार कराने वालों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। वाराणसी स्थित रेल अस्पताल में कैंसर की सुविधा के संबंध में जानकारी दी। इससे पहले उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया। इस अवसर पर सदर विधायक डॉ. संगीता बलवंत, जिलाधिकारी के बालाजी, भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, सुनील सिंह, प्रभुनाथ चौहान, रामतेज पांडेय, अनिल पांडेय, विजेंद्र राय, ओमप्रकाश राय, नगर पालिकाध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व नपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल के अलावा मंडल रेल प्रबंधक एसके झा, प्रोजेक्ट डाइरेक्टर डॉ. याज्ञिक वजा, डा. मेहर सिक्का, सीनियर डीईएन राहुल श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल एवं संचालन डॉ. व्यासमुनी राय ने किया।