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Ghazipur News: मुख्य समाधान दिवस में 203 शिकायतें मिलीं, 22 का मौके पर निस्तारण

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सेवराई। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस पर कोई अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की गुहार लेकर पहुंचा था तो कोई भ्रष्टाचार और अतिक्रमण से परेशान था। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के सामने फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। तहसील सेवराई में कुल 203 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 22 का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं जिले की सातों तहसीलों में कुल 585 शिकायतें आईं, जिनमें 65 मामलों का तत्काल समाधान हुआ।
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समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जमीनी और आपसी विवादों का प्राथमिकता से समाधान करें। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, डीसी मनरेगा विजय कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
खेती चली गई तो परिवार भूखा मर जाएगा
सेवराई गांव निवासी किसान अमितेंद्र सिंह दर्जनों किसानों के साथ समाधान दिवस पहुंचे। उन्होंने विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि उनकी उपजाऊ जमीन अधिग्रहित हो गई तो परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने मांग की कि खेती योग्य भूमि बचाई जाए या उचित विकल्प दिया जाए।
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अतिक्रमण से घिरा खेत, न्याय की आस में पहुंचे संजय
भतौरा गांव निवासी संजय ठाकुर ने मौजा दलपतपुर की आराजी संख्या 42 और 43 को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परिवार परेशान है। समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
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हम लोगों की जमीन ही हमारी जिंदगी है। अगर वही चली गई तो परिवार कैसे चलेगा, यही चिंता लेकर आए हैं। -अमितेंद्र सिंह, किसान, सेवराई
अवैध खनन से खेत और माइनर दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। -भानु प्रताप सिंह, किसान।
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