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पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण अर्जुन ने किया सरेंडर

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गाजीपुर। हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या के मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप ने सोमवार को वाराणसी के रेलवे कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही अर्जुन की तलाश में भटक रही जिला पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस इस हत्याकांड में अब तक कुल 33 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। रविवार की रात पुलिस टीम बिहार के बक्सर जिले में कई स्थानों पर दबिश दी और नामजद तथा अज्ञात आरोपियों के रिश्तेदारों से पूछताछ की।
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बीते 29 दिसंबर को कठवामोड़ पुल के पास हुए जाम और पथराव के दौरान हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की मौत हुई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप काफी दिनों से पुलिस से आंख-मिचौनी खेल रहा था। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण वाराणसी के रेलवे कोर्ट में सोमवार को सरेंडर कर दिया। इससे पुलिस ने काफी राहत महसूस किया है। नगर के आरटीआई मैदान में 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र की सभा आयोजित थी। इसी दिन निषाद पार्टी के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ पुल सहित सुहवल थाने के कालूपुर करंडा के भटौली में सड़क जाम किया था। शाम को पीएम मोदी की सभा समाप्त होने के बाद पुलिस करीमुद्दीनपुर थाने पर लौट गई थी। इसी बीच कठवामोड़ पुल के पास जाम होने से पुलिस का वाहन उसमें फंस गया था। पुलिस कर्मी वाहन से उतर कर कार्यकर्ताओं को जाम समाप्त कराने के लिए समझाने लगे थे। इसी बीच उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया था। इस बीच करीमुद्दीनपुर थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की जमकर पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में नोनहरा थाने की पुलिस ने 32 नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों तलाश शुरू की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप के भाई हरेन्द्र कश्यप और उसके पुत्र अभिमन्यु कश्यप को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
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