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वीर शहीदों की तेरहवीं से पहले सेना ने लिया बदला

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जखनिया(गाजीपुर)। भारतीय वायु सेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर स्थित जैश-ए-मोहम्मद सहित तमाम आतंकवादी कैंपों पर बमबारी कर उसे तहस-नहस कर दिया गया। इस कार्रवाई से जिले के निवासी सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित शहीद रामउग्रह पांडेय के परिजनों सहित जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने कहा कि हमारे वीर शहीदों की तेरहवीं से पहले सेना ने उनकी शहादत का बदला लेने का कार्य किया।
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वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस एवं वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीरगति को प्राप्त परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी एवं उनके पौत्र जमील आलम 25 फरवरी को दिल्ली में वार मेमोरियल लोकार्पण समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। मंगलवार की सुबह सैन्य कार्रवाई की जानकारी होने पर शहीद वीर अब्दुल हमीद की धर्मपत्नी रसूलन बीबी ने दूरभाष पर बताया कि भारतीय सेना की ओर से एलओसी में घुस कर आतंकवादी कैंपों पर बड़ी कार्रवाई से शहीद परिवार बेहद खुश है। आज का दिन शहीदों के लिए सबसे बड़ा दिन है। भारतीय सेना ने श्रद्धांजलि की परिभाषा बदल दी है अब श्रद्धांजलि शोक सभा से नहीं बल्कि कार्रवाई से दी गई है। उनके पौत्र जमील आलम ने इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरगति को प्राप्त सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित महावीर चक्र विजेता शहीद रामउग्रह पांडेय की पुत्री सुनीता पांडेय ने कहा कि हमारी देश की सेना ने दुश्मन के घर में घुस कर आतंकवादियों ठिकानों को नेस्तनाबूद करने का कार्य किया है। शहीद जवानों की तेरहवीं से पूर्व सेना की इस कार्रवाई से निश्चित रूप से हमारे शहीदों की आत्मा को शांति मिलेगी। कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई यहीं रुकनी नहीं चाहिए। भारतीय सेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की सूचना प्राप्त होते ही जखनिया क्षेत्र स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं शहीद रामउग्रह पांडेय के पैतृक गांव सहित जखनिया तहसील में युवाओं ने जुलूस निकाल कर भारत माता की जय करते हुए शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान दोनों शहीदों के पैतृक गांव पर लगी उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण किया गया।
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