गाजीपुर। लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में बुधवार को महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा तथा महिला जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने महिलाओं की समस्याओं को सुनने के साथ उसके निस्तारण की कार्रवाई की। कई महिलाओं ने प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई।
बुधवार को महिलाओं के उत्पीड़न में दहेज उत्पीड़न के मामले सामने आए। कुछ मामले पहली पत्नी को छोड़ कर दूसरी शादी रचाने तथा ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित करने के भी सुने गए। इतना ही नहीं महिलाओं को जमीनी विवाद में भी फंसाने और समय से न्याय न देने की बात भी सामने आई। महिलाओं की शिक्षा को प्राथमिक और राजकीय विद्यालयों में बेहतर न होने की शिकायतें भी संज्ञान में लाई गई। कार्यक्रम में पीड़िता ममता कन्नौजिया निवासी मरदह का आरोप है कि उसे पति द्वारा घर से निकाल दिया गया है। इस मामले में संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया। चंपा पत्नी धर्मदेव मोहब्बतपुर थाना शादियाबाद ने आरोप लगाया कि उसे ससुराल वाले आए दिन प्रताड़ित करते रहते हैं। गुहार लगाने पर कोई सुनवाई नहीं की जाती। उर्मिला पत्नी स्व. जमुना गांव नूरपुर थाना नोनहरा ने गुहार लगाई कि जमीनी विवाद में उसे मारपीट कर घायल कर दिया गया। दबंग उसे सुकून से रहने तक नहीं दे रहे हैं। सुषमा देवी निवासी करंडा ने आरोप लगाया कि एक दिसंबर 2018 को पति द्वारा दूसरी शादी करने और उसे घर से बाहर निकालने पर आशा ज्योति केंद्र के 181 हेल्प लाइन में रिपोर्ट दर्ज कर निस्तारण करने को कहा। इसके साथ ही शीला देवी थाना कासिमाबाद, ज्योति पत्नी अरविंद थाना शादियाबाद, पूजा पत्नी देवानंद थाना जंगीपुर घर वाले मारने-पीटने, निर्मला पत्नी उपेंद्र गांव मीरपुर थाना सैदपुर, महिमा पत्नी सत्येंद्र चौहान गांव शहबाजपुर थाना कासिमाबाद आदि ने दहेज उत्पीड़न, आरती गुप्ता पत्नी सुरेश चंद्र गुप्ता नवाबगंज थाना कोतवाली, पुष्पा पत्नी रामप्रकाश, तुलसी सागर लंका सदर कोलवाली के रास्ते की समस्या, इसी क्रम में नवावगंज सदर कोतवाली की एक महिला ने छेड़खानी की शिकायत की, दुल्लहपुर की एक महिला ने लव मैरेज प्रकरण में न्याय मांगा। पुष्पा पत्नी रामप्रकाश तुलसी सागर लंका एवं निर्मला शिक्षा विभाग से पीड़ित होकर न्याय करने को कहा।
इनके साथ ज्यादातर प्रकरण न्यायालय से संबंधित रहे। जिसमें पुलिस प्रशासन और अधिकारी उनका उल्लंघन न करते हुए सदस्य ने महिलाओं के साथ उत्पीड़न की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। महिला आयोग की सदस्य ने सभी प्रकरणों की जांच निष्ठा एवं निष्पक्ष करने तथा न्याय दिलाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिया। कहा कि निस्तारण योग्य प्रकरण एक सप्ताह के अंदर निस्तारित किए जाए और मुझे भी अवगत कराया जाए। बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश दिया कि जितने मामले आप के संज्ञान में आता है। उसका निस्तारण तत्काल कराया जाए। इस मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, सीओ सदर महिपाल पाठक, महिला थाने की एसओ, अपर उपजिलाधिकारी सदर रमेश मौर्या, आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी नीतू कुमार, केश वर्कर प्रियंका प्रजापति, दीप शिखा, अंशु राय पैरा मेडिकल, जिला प्रोबशन अधिकारी आदि उपस्थित रहे।