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सूची का परीक्षण जमा छात्रवृति आवेदन पत्रों से करें

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गाजीपुर। शैक्षिक सत्र 2018-19 में पिछड़ी जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजनांतर्गत (स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, पालीटेक्निक एवं अन्य उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों में) 28833 ऐसे छात्र-छात्राओं का संदेहास्पद डाटा मुख्यालय लखनऊ की ओर से जिले को उपलब्ध कराया जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जिसमें छात्रवृत्ति आवेदन पत्र डाटा में आय प्रमाण पत्र/जाति प्रमाण पत्र/हाईस्कूल, इंटर अनुक्रमांक नंबर/फीस प्राप्ति की रसीद संख्या/नामांकन संख्या या रोल नंबर/पूर्णाक-प्राप्तांक आदि का स्क्रूटनी/परीक्षण करने पर मिलान नहीं हो पाया है। ऐसे डाटा को मुख्यालय द्वारा संदेहास्पद श्रेणी में डालते हुए जिले को रिजेक्ट/एक्सेप्ट करने के लिए उपलब्ध कराया गया है।
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जिले में संचालित दशमोत्तर कक्षाओं (कक्षा-11 एवं कक्षा-12 को छोड़कर) के सभी प्रधानाचार्य/प्राचार्यो को निर्देशित किया कि वह अपने विद्यालय के छात्रों की संदेहास्पद डाटा की सूची कार्यालय जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से शीघ्र प्राप्त करते हुए संदेहास्पद सूची का परीक्षण विद्यालय में जमा छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों के अभिलेखों से कर लें। अगर छात्र छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं तो संदेहास्पद से संबंधित कारणों का वांछित अभिलेख एवं सूची को प्रमाणित करते हुए विलंबतम 28 दिसंबर तक कार्यालय जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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