बहादुरगंज। कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज कस्बा में बीते माह माह लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान एक मकान के बारजा में ट्रैक्टर सटने से दो समुदाय के लोगों में विवाद हुआ था। पुलिस के साथ गणमान्य लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था। इस मामले में शामिल लोग इस बात से निश्चिंत हो गए थे कि पुलिस ने इस मामले में कोई रिपोट दर्ज नहीं की है, लेकिन सोमवार को जैसे ही लोगों को पता चला कि पुलिस ने इस मामले में 39 नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है तो लोगों में हड़कंप मच गया।
मालूम हो कि दीपावली के मौके पर कसबा में विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाकर उसमें गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। ग्यारह नवंबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान कसबा में स्थित एक समुदाय के एक व्यक्ति के बारजा से विसर्जन जुलूस का ट्रैक्टर सट गया था। इसको लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए थे। लोग विसर्जन जुलूस को रोककर हो-हल्ला करने लगे थे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया था। इसके बाद पूजा कमेटी के लोगों ने प्रतिमाओं का विसर्जन किया था। पुलिस ने यह उजागर नहीं किया था कि इस मामले में किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे मामले से संबंधित लोग निश्चिंत हो गए थे। सोमवार को पुलिस विभाग से जुड़े किसी कर्मी ने कसबा के किसी व्यक्ति को यह जानकारी दिया कि इस मामले में पुलिस ने दर्जनों नामजद और दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उक्त व्यक्ति ने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी तो लोगों ने आन लाइन एफआईआर की कापी निकलवाई तो पता चला कि 39 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 149, 151, 152, 153, 186, 188, 189, 341, 352 ,356, 504 ,506 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 के अंतर्गत मुकदम दर्ज किया है। इस मुकदमा में भाजपा कार्यकर्ताओं तथा हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता के साथ अन्य लोगों का नाम होने से हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि जो विधि सम्मत था, वह कार्रवाई की गई है।