गाजीपुर। अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का पांचवां जिला सम्मेलन विभिन्न सवालों को लेकर सरजू पांडेय पार्क में शनिवार को आयोजित किया गया। इसमें संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनिल पासवान ने कहा कि मोदी-योगी सरकार के सबका साथ सबका विकास में खेत मजदूर नहीं है। करोड़ों मनरेगा मजदूरों को आज भी 174 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है। जबकि 200 दिन काम और 500 रुपया रोजाना मजदूरी वक्त का तकाजा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में भू-माफिया हटाओ की जगह पुस्त दर पुस्त गांव, समाज, बंजर की जमीन पर बसे भूमिहीन दलितों, गरीबों, वनवासियों को लाठी-डंडे के बल पर हटाया जा रहा है। आज बड़ी तादाद में ऐसे दलित एवं वनवासी हैं। जिनका जमीन के अभाव में पीएम आवास नहीं बन पा रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे भी गरीब परिवार हैं जिनका नाम आवास की सूची में नहीं है। कहा कि प्रदेश की सरकार खेत मजदूरों को रोजगार नहीं दे पा रही है। मनरेगा कड़ाई से लागू नहीं है। रोजगार का सवाल हल करने के बजाए यह सरकार मंदिर बनाने और सांप्रदायिक उन्माद के जरिए चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करना चाहती है। कहा कि खेग्रामस का यह जिला सम्मेलन रेल प्रभावित किसानों के 40 दिनों से चल रहे आंदोलन का समर्थन करता है। इस अवसर पर 21 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष नंद किशोर बिंद और सचिव के रूप में राजेश वनवासी का चुनाव किया गया। सम्मेलन में विजयी वनवासी, लाल बहादुर बागी, नंदकिशोर बिंद, बेचू वनवासी, गोरख राजभर, बुच्चीलाल, सत्येंद्र कुमार, योगेंद्र भारती, अमरनाथ पासवान, चंद्रावती देवी, दिनेश राम एवं राजदेव आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया।