गहमर(गाजीपुर)। ताड़ीघाट-बारा मार्ग से पश्चिमी नहर होते हुए बाईपास मार्ग पर आवागमन करना आसान नहीं है। इसका कारण यह है कि मार्ग के नाम पर सिर्फ इधर-उधर बिखरी गिट्टियां दिखाई दे रही हैं। इससे लोग इस मार्ग पर किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। आए दिन बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर जा रहे हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग इसको दुरुस्त कराने को लेकर गंभीर नहीं है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ताड़ीघाट-बारा मार्ग से पश्चिमी नहर होते हुए विभिन्न गांवों से होते करहिया जाने वाले बाईपास मार्ग के निर्माण के नाम पर करीब दो वर्ष पूर्व गिट्टी एवं मोरंग बिछाकर छोड़ दिया गया। इस पर पिच न किए जाने से महीनों से गिट्टियां इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। इससे कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। गिट्टियों की वजह से वाहनों की कौन कहे, पैदल आवागमन करने में भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बारिश होने पर स्थिति और भी नारकीय हो जा रही है। गड्ढों में पानी भर जा रहा है। यह सड़क गहमर पश्चिमी कैनाल, ढढ़ियाहर बस्ती, हथौरी-करहिया की बाईपास सड़क है, जो गहमर एवं करहिया-बकैनिया सहित भदौरा, सेवराई तहसील को जोड़ती है। पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली कुशवाहा, वाल्मिकी सिंह, समाजसेवी सुधीर सिंह, गौरी चौरसिया, प्रेम चौरसिया, संजय गुप्ता, अशोक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, शैलेंद्र सिंह, रामप्रवेश सिह आदि ने बताया कि सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़े जाने से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से लगायत जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक के अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र ने बताया कि इस मार्ग के निर्माण के लिए पूर्वांचल निधि से लगभग एक करोड़ 40 लाख स्वीकृत था. जिसका 20 प्रतिशत धन अवमुक्त हुआ था, जिससे गिट्टी और मोरंग का कार्य कराया गया है। आगे इस मार्ग पर पैसा आते ही पिच का कार्य कराकर मार्ग को दुरुस्त करा दिया जाएगा।