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सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम की ओर किसानों का रूझान बढ़ा

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गाजीपुर। खेतों की सिंचाई के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम को लेकर किसानों में काफी रुझान आया है। इसमें कम पानी भी खर्च होता है तथा प्रक्रिया भी आसान है। तीन साल में इस विधि का प्रयोग करने वाले किसानों की संख्या में करीब दस गुना इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि इसके लिए सरकार की ओर से करीब 90 फीसदी तक का अनुदान भी दिया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उद्यान विभाग की ओर से खेतों में नमी लाने या पौधों को सींचने के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दिया गया। वर्ष 2016-2017 में जिले भर के 68 किसानों ने 88 हेक्टेयर की सिंचाई को लिए इस विधि को अपनाया। उन्हें 12 लाख का अनुदान भी दिया गया। इसमें खास स्प्रिंकलर विधि को जोर दिया गया। इसमें पाइप को खेतों में बिछा दिया जाता है। दो-दो फुट या आवश्यकतानुसार दूरी पर स्प्रिंकलर को सेट कर उसमें पानी छोड़ देते है। अब यह पौधे की जड़ों, तना तथा पत्तियों पर घूम-घूम कर छिड़काव करता है तथा उन्हें तराई देता है। यह दोनों सिस्टम फल, फूल, सब्जियां, आलू, औषधिय फसलों के साथ ही गेहूं, चना, मटर आदि के लिए सबसे बेहतरीन है। इसमें समय के साथ ही पानी की खपत करीब 40 फीसदी तक कम होती है। जानकारी के बाद 2017-2018 में किसानों की संख्या में और इजाफा हुआ। 351 किसानों ने इस वर्ष 317 हेक्टेयर में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम को अपनाया। किसानों को 88 लाख का अनुदान दिया गया। वर्तमान सत्र 2018-2019 में इस विधि को लेकर काफी रुझान दिख रहा है। खरीफ की फसल तक ड्रिप के 169 और स्प्रिंकलर के 568 कुल 737 हेक्टेयर की खेती के लिए आवेदन आ चुका है। जिला उद्यान अधिकारी डा. एसके वर्मा ने बताया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम काफी आसान है तथा जागरूक होकर किसान अपना रहे है। इस बार लक्ष्य से काफी अधिक किसानों को इसकी सुविधा दी जाएगी।
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