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नारी जीवन के विविध आयामों को दिया काव्यात्मक स्वर

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गाजीपुर। कवियत्री रश्मि शाक्य की काव्य-कृति का लोकार्पण समारोह एमजेआरपी पब्लिक स्कूल के सभागार में रविवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व अपर मंडलायुक्त ओम धीरज ने कहा कि रश्मि शाक्य का साहित्य-सृजन एवं प्रकाशन के क्षेत्र में इस पुस्तक के माध्यम से होने वाला पदार्पण नारी सशक्तीकरण को उत्प्रेरित एवं आत्म-सम्मान को जगाने वाला है। इस पुस्तक का अवलोकन करने से इस बात की पुष्टि होती है कि उन्होंने नारी जीवन के विविध आयामों को जो काव्यात्मक स्वर दिया है वह एक सराहनीय प्रयास है।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. मांधाता राय ने कहा कि काव्य-कृति में आठ प्रकार के गीत संकलित हैं जिनमें देश-भक्ति, प्रेम और श्रृंगार, विरह, नारी-महिमा, प्रकृति चित्रण, गांव, जिंदगी का यथार्थ, देश और समाज आदि प्रमुख हैं। उपमाओं और प्रतीक संबंधी नए प्रयोग पुस्तक को गरिमा प्रदान करते हैैं। इनके गीतों में आदर्शोन्मुख यथार्थ का दर्शन होता है। डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि रश्मि के गीतों में संगीतात्मकता कूट-कूट कर भरी हुई है। गीतों की मिठास में सामाजिक विकृतियों को पाग कर जिस तरह से स्वर दिया है वह प्रशंसनीय है। रामावतार ने कहा कि उन्होंने विविध विषयों पर अपनी लेखनी चलाई है। इसमें नारी विमर्श को केंद्र में रखते हुए सामाजिक विकृतियों पर कड़ा प्रहार किया है। ये आशावादी हैं इसलिए अपनी रचनाओं में लोक-मंगल की उम्मीदें जगाए रखी हैं। आधार वक्तव्य करते हुए माधव कृष्ण ने इस गीत संकलन की विशद विवेचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर सानंद सिंह, कोमल सिंह, हरीशजी, निर्मला कश्यप, पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर रश्मि शाक्या ने काव्य-पाठ किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य सुदर्शन सिंह कुशवाहा ने व्यक्त किया।
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