कासिमाबाद(गाजीपुर)। जिले के अंतिम छोर पर स्थित सिधागरघाट-सलामतपुर मार्ग की हालत बद से बदतर हो गई है। इससे यह आवागमन करने वालों के लिए कष्टदायक साबित हो रही है। मार्ग की बदहाली एक तरफ जहां लोगों की सेहत पर प्रभाव डाल रही है, वहीं आए दिन लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग की ओर से मार्ग का दशा सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में रोष है।
यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग पर प्रतिदिन छोटी-बड़ी सैकड़ों गाड़ियां आती-जाती हैं। इस मार्ग से होकर बक्सर से लेकर मऊ, रसड़ा, बलिया, बहादुरगंज तक की गाड़ियां प्रतिदिन आती जाती हैं। इस मार्ग से गुजरने पर इन प्रमुख जगहों के बीच की दूरी काफी कम हो जाती है लेकिन दो वर्ष से यह पूरी तरह से खस्ताहाल है। आलम यह है कि हर कदम बड़े-बड़े गड्ढों के साथ ही गिट्टी और मिट्टी बिखरी हुई है। मार्ग की खराबी की वजह से दस किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को घंटों का समय लग जा रहा है। मार्ग की खराबी का खराब असर जहां लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वहीं गड्ढों और गिट्टियों की वजह से लोग आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। इसको लेकर लोगों में रोष गहराता जा रहा है। साधापुर निवासी विनय कुमार सिंह, पेशे से अध्यापक तथा मुहम्मदपुर कुसुम निवासी अनिल कुमार, सिधागर निवासी भानूप्रताप सिंह आदि ने कहा कि मार्ग बिल्कुल आवागमन लायक नहीं रह गया है। यह पूरा मार्ग एक तरफ जहां बलिया लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भरत सिंह के क्षेत्र के अंतर्गत आता है तो दूसरी तरफ जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी इसी क्षेत्र से निर्वाचित हैं। आज पूरे देश में सड़कों के कायाकल्प की बात हो रही है, जबकि इन प्रमुख राजनीतिज्ञों के क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग उपेक्षित पड़ा हुआ है।