गाजीपुर/सादात। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। 13 सेंटरों पर आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा में पारदर्शिता के लिए पर्यवेक्षक, सचल दल प्रभारियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती को भी अंतिम रुप देने का कार्य शुरू हो चुुका है। करीब 17 हजार 318 परीक्षार्थी इस परीक्षा में भाग लेंगे। परीक्षा के दौरान नकल करते और दूसरों की परीक्षा देने वाले मुन्ना भाई पर मुकदमा भी दर्ज होगा।
साथ ही सेंटरों पर तैनात होने से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्व और कार्य को समझने के लिए विभाग द्वारा निर्देश पुस्तिका भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें पुस्तिका द्वारा यह जानकरी दी गई है कि नकल करने वाले और दूसरे के प्रति बैठकर परीक्षा देने वाले परीक्षार्थिओं की खैर नहीं होगी। पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर उन्हे पुलिस के हवाले किया जाएगा। साथ ही ऐसे परीक्षार्थियों की उम्मीदवारी समाप्त करने के बाद एक निश्चित अवधि के लिए परीक्षा देने से वंचित कर दिया जाएगा। 30 परीक्षार्थीओं पर दो कक्ष निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। अगर परीक्षार्थीओ की संख्या तीस से कम होने के बावजूद भी कक्ष निरीक्षक की संख्या में कोई कमी नहीं की जाएगी। यहीं नहीं परीक्षा के दौरान बात करना और इशारे को दुर्व्यवहार माना जाएगा। परीक्षार्थी उत्तर पत्रक ओएमआर शीट को भरते समय बाल प्वाइंट पेन का प्रयोग करेंगे। ओएमआर आर्थिक शीट पर अशुद्ध लिखने के पश्चात ह्वाइट का प्रयोग नहीं करना है। ऐसा करने वाले परीक्षार्थी की शीट निरस्त कर दी जाएगी। प्रश्नों के उत्तर दिए बिना ही खाली ओएमआर शीट को कक्ष निरीक्षक द्वारा परीक्षार्थी से ही क्रास करा दिया जाएगा। उस उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। परीक्षा के बाद परीक्षार्थी को प्रश्न पुस्तिका और ओएमआर शीट की कार्बन कापी ले जाने की छूट होगी। ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को पारिश्रमिक देने की भी व्यवस्था की गई है। केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक को दो-दो हजार रुपये मानदेय के रूप में प्रति पाली कि मुताबिक दिया जाएगा। जबकि कक्ष निरीक्षक, सचल दल के सदस्य और तृतीय श्रेणी कर्मचारी को साढ़े सात सौ रूपये प्रति की दर से दिए जाएंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पांच सौ रुपए प्रति पाली की दर से मानदेय के रुप में भुगतान किया जाएगा।