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सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहा विद्युत विभाग

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गाजीपुर। बिजली विभाग की मनमानी से आमजन त्रस्त हैं। शासन के आदेश के बाद भी अघोषित कटौती जारी है। उपभोक्ता परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने भले ही जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान जारी किया हो, लेकिन विभाग इस आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है। दिन में जहां बिजली के आने-जाने का क्रम जारी रह रहा है, वहीं रात में आपात कटौती के नाम पर घंटों बत्ती गुल रह रही है। बुधवार को विद्युत कटौती ने नाक में दम कर दिया। शाम को करीब साढ़े पांच बजे गुल हुई बिजली का दर्शन रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुए। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी जीवितपुत्रिका का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को हुई।
कुछ माह पहले योगी सरकार द्वारा जिला मुख्यालयों को 24, तहसील मुख्यालयों को 20 और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए गए थे। आदेश के बाद एक-दो महीने विद्युत आपूर्ति का रोस्टर बिल्कुल सही रहा। लोग इस बात से खुश हुए कि अब अच्छी बिजली आपूर्ति होगी और गर्मी के साथ बरसात आराम से बीत जाएगा। गर्मी से परेशान लोग अब-तब बिजली आने का इंतजार करने लगे। छह घंटे बाद रात में करीब 11.30 बजे बत्ती आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद भी रात में कई बार बिजली के आने और जाने का सिलसिला जारी रहा। इस संबंध में प्रकाशनगर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ रामबचन ने बताया कि शाम को पौने छह से रात पौने नौ बजे तक कंट्रोल से इमरजेंसी कटौती की थी। रात में सप्लाई शुरु होते ही 33 हजार लाइन का तार टूट गया, जिसे दुरुस्त कर रात में करीब 11 बजे आपूर्ति सुचारू हुई।
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बुधवार की रात इमरजेंसी कटौती के बाद सप्लाई शुरू होते की अंधऊ के पास 33 हजार लाइन का तार टूट गया। इसकी वजह से प्रकाशनगर और पीरनगर विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की आपूर्ति पांच घंटा तक ठप रही।
- शिवम राय, नगर एसडीओ
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