गाजीपुर। बाराचवर विकास खंड के लखनौली गांव में विकास कार्य के धन का बंदरबांट करने का मामला प्रकाश में आया है। यह बंदरबांट प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से की गई है। इस प्रकरण में डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा गया है। इस मामले में जांच बैठाते ही ग्राम प्रधानों में खलबली मची हुई है।
बाराचवर विकास खंड के लखनौली गांव में ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत पोखरे को खुदवाने के लिए साढ़े तीन लाख से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन बिना पोखरा खुदवाए सेक्रेटरी की मिलीभगत से पूरे धन का बंदरबांट कर लिया गया है। इतना ही नहीं जिलाधिकारी को दिए गए शिकायत पत्र में ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा मजदूर के फर्जी नाम इंट्री कराकर गड़बड़झाला करने का काम किया गया है। साथ ही गांव की पोखरी को पाट कर उस पर कब्जा भी कर लिया गया है। प्रधान और सेक्रेटरी की ओर से की गई सरकारी धन का बड़े पैमाने पर गोलमाल करने की शिकायत लखनौली गांव के संजीत कुमार ने बीते 12 जून को उपजिलाधिकारी कासिमाबाद से की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने इसकी जांच तहसील स्तर के अधिकारी को सौंप कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इसकी पूरी जानकारी जिलाधिकारी को देने के साथ शिकायती पत्र भी सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने इस प्रकरण में दो सदस्यीय टीम का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच कराने का आदेश दिया है। रिपोर्ट एक माह के अंदर देने का का भी निर्देश दिया गया है। डीएम के निर्देश पर जिला विकलांग कल्याण अधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच शुरू करने के साथ पत्र भेजकर ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को उपस्थित होने और बिंदुवार सरकारी धन के उपयोग की जानकारी देने का भी निर्देश दिया है। उधर जिलाधिकारी के जांच बैठाने के बाद लखनौली गांव में हड़कंप मचा हुआ है। शिकायतकर्ता और अन्य ग्रामीण जहां जांच टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की बेचैनी बढ़ गई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान कलावती देवी ने कहा कि मनरेगा के तहत खुदाई का कार्य कराया गया है। इस कार्य में साढ़े तीन लाख रुपये भी खर्च हुए हैं। हमें और सेक्रेटरी को बदनाम करने की गांव के कुछ लोगों द्वारा साजिश की जा रही है। गोलमाल आरोप बेबुनियाद है। इस संबंध में जिलाधिकारी संजय खत्री ने बताया कि विकास कार्य में धन के गोलमाल के मामले में जांच चल रही है। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।