मंसूर अंसारी के अनुसार, मार्च में हाईकोर्ट ने दुकानों को सुपुर्द करने का आदेश दिया था। लेकिन जिला प्रशासन ने सुपुर्द नहीं किया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब उन्हें दुकानों की चाबी मिल गई है।
मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की कुर्क की गई 18 दुकानों को बुधवार की देर शाम मुक्त कर दिया गया। मुहम्मदाबाद तहसीलदार ने दुकानों की चाबी मंसूर अंसारी को सौंप दी। यह कार्रवाई डीएम के आदेश के बाद हुई है।
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तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी के आदेश पर कुर्क की गई 18 दुकानों को मुक्त करते हुए मंसूर अंसारी को चाबी सौंप दी गई। वर्ष 2023 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मंसूर अंसारी की यूसुफपुर बाजार स्थित 18 दुकानों को कुर्क कर लिया गया था।
मंसूर अंसारी ने बताया कि मार्च में हाईकोर्ट ने दुकानों को सुपुर्द करने का आदेश दिया था। लेकिन जिला प्रशासन ने सुपुर्द नहीं किया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश पर मुहम्मदाबाद तहसीलदार महेंद्र बहादुर और कोतवाल विजय प्रताप सिंह ने कुर्क की गई दुकानों को मुक्त करने के साथ ही चाबी सौंप दी है।