गाजीपुर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश एंड उत्तरांचल मेडिकल सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन (यूपीएमएसआरए ) की ओर से बुधवार को लंका मैदान में सभा का आयोजन किया गया। इसके बाद लंका से रैली निकाली गई, जो जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर समाप्त हुई। इस मौके पर डीएम को पत्रक भी सौंपा गया। वक्ताओं ने कहा कि लगातार काम करने के बाद भी हमें नियमावली का लाभ नहीं मिल रहा है, जो हमारे साथ अन्याय है।
संगठन के प्रदेश सचिव आरएम राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई प्रदेशों की सरकारों ने दवा प्रतिनिधियों के लिए काम के घ्ंाटे सुनिश्चित कर दिए है लेकिन उत्तर प्रदेश में आज तक ऐसा नही किया गया। दवा प्रतिनिधि आज भी अपनी न्यूनतम मांगों के लिए संघर्ष कर रहे है। प्रदेश में दवा प्रतिनिधि न्यूनतम वेतन की नियमावली में शामिल नहीं हुए। आठ घंटे कार्य नियमवाली लागू नहीं हो पाया। अध्यक्षता कर रहे मो. अफजल ने कहा कि हमारी कई प्रकार की मांगें है जिसके लिए हमारी लड़ाई चल रही है। प्रदेश में अपने कानूनी अधिकार को लागू करवा कर ही रहेंगे। संचालन कर रहे आशीष राय ने कहा कि लगातार संघर्ष के बाद भी प्रदेश सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सरकार ने हमारे लिए बने कानून सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉईज (सर्विस एंड कंडीशन) एक्ट-1976 में संशोधन कर दवा कंपनियों के मालिकान तथा प्रबंधन पर सजा के प्रावधान को खत्म कर दिया। सहसचिव सौरभ पांडेय ने कहा कि सरकार के इस मालिक हितैषी फैसले का हम लगातार विरोध भी कर रहे है। सभा के बाद जुलूस निकाला गया। लंका से विभिन्न मार्गो से होते हुए रैली जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहां एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पीके सिंह, संजय विश्वकर्मा, चंदन राय, एमपी राय, रविकांत तिवारी, आरपीएस यादव, ऋतेश दत्त पाण्डेय, निकेत तिवारी, मनोहर यादव, सुनील राय, निखिल वर्मा, विकास वर्मा, एके जैन, राजीव चौरसिया, राजेश तिवारी, अभिषेक गुप्ता, अभिनय राय, अमित श्रीवास्तव, निखिल श्रीवास्तव, देव यादव, मो. मेहदी जैदी, साजिद खान, सलीम खान, शिवम गुप्ता, विशाल जायसवाल, अंबिकेश शुक्ला, कमलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।