कासिमाबाद (गाजीपुर)। युवा क्षत्रिय महासभा एवं भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से शहीद शशांक सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए चलाए जा रहे उपवास -धरने के चौथे दिन गुरुवार को कार्यकर्ता ने चौराहा पर सड़क जाम कर दिया। साथ ही प्रतिमा स्थापित करने और डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। जानकारी होते ही डीएम के बालाजी और एसपी सोमेन वर्मा पहुंच गए। डीएम द्वारा शहीद की प्रतिमा स्थापित करने का आश्वासन देने पर पांच घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा समय के अंदर प्रतिमा नहीं स्थापित होती है, तो एक जून को पुन : सड़कजाम कर दिया जाएगा।
अखिल भारतीय क्षत्रीय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में बीते11 मार्च से कासिमाबाद चौक पर शहीद शशांक सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए उपवास और धरना चल रहा था। धरने के चौथे दिन संगठन के लोगों ने शहीद की प्रतिमा नसीरुद्दीनपुर से लेकर जैसे ही चले, तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन सदस्य और पदाधिकारी प्रतिमा पिकप पर लेकर कासिमाबाद चौक पहुंच गए और सुबह साढ़े 11 बजे चौक को जाम कर दिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों से जिला प्रशासन एवं शासन के लोग शहीद परिवार के साथ झूठा आश्वासन देकर सिर्फ ठंडा बस्ता में मामला डालने का प्रयास किया है। क्षत्रिय महासभा ने डीएम को को पत्र लिखकर शहीद की प्रतिमा लगवाने के लिए धरना और उपवास की भी जानकारी दी। लेकिन डीएम की ओर से कोई आश्वासन तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि महासभा द्वारा उन्हें अगाह किया गया था कि चौक जामकर शहीद की प्रतिमा लगाने का काम किया जाएगा। इसके बाद भी जिला प्रशासन नहीं चेता, जिससे आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इसकी जानकारी होते ही अपर जिलाधिकारी राजेश सिंह, एसपी सिटी प्रदीप दूबे, कासिमाबाद सीओ डॉमॅ. कृष्णकांत सरोज मौके पर पहुंचकर समझाने-बुझाने लगे। लेकिन सदस्य और पदाधिकारी डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। शाम करीब 4.15 पर डीएम के बालाजी और एसपी सोमेन वर्मा पहुंच गए। डीएम ने शासन से 2 माह के अंदर शहीद की प्रतिमा लगाने की स्वीकृति आने का आश्वासन दिया। तब जाकर साढ़े 4 बजे धरना समाप्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अगर दो माह के अंदर शहीद की प्रतिमा चौराहे पर स्थापित नहीं होती है तो एक जून को फिर चक्का जाम करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर अभिजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह ,भूतपूर्व सैनिक संगठन के ब्लाक अध्यक्ष मुमताज अहमद, किसान सभा के ब्लाकध्यक्ष अशोक मिश्रा, अवधेश सिंह, तारकेश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस के प्रयास के बाद प्रतिमा लाने में रहे सफल
कासिमाबाद। शहीद की प्रतिमा शहीद के घर नसीरुद्दीनपुर से जैसे ही क्षत्रिय महासभा के लोगों ने उठाकर गाड़ी में रखने का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिस ने प्रतिमा को गाड़ी पर रखने से रोकने का पूरा प्रयास किया। इसके बाद भी महासभा के कार्यकर्ता के दबाव में पुलिस पीछे हट गई और मूर्ति लेकर कार्यकर्ता चौराहे के लिए चल दिए। एक बार फिर एसडीएम भगवानदिन के नेतृत्व में सभी अधिकारियों ने प्रभुनारायण सिंह महाविद्यालय मोड़ के सामने उन्हें रोककर प्रतिमा रोकने का प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने और प्रतिमा लेकर चौक के तरफ चल दिए।
महासभा के आह्वान बंद रही दुकानें
कासिमाबाद। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के आह्वान पर स्थानीय बाजार की सभी दुकानें बंद रही। लोग चाय पानी के लिए तरस गए। आंदोलन में आए बाहर से कार्यकर्ता और पुलिस टीम एवं अधिकारियों को खाने-पीने का सामान दूसरी जगहों से मंगाकर खाते हुए देखा गया। लंबे समय तक चले चक्का जाम के कारण कासिमाबाद-रसड़ा मार्ग पर तीन किलोमीटर तक सबसे ज्यादा जाम रहा। इसके बाद कासिमाबाद- मऊ मार्ग कासिमाबाद युसूफपुर-मुहम्दाबाद मार्ग एवं कासिमाबाद-गाजीपुर मार्ग पर भी वाहनों की कतार लग गई। लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आश्वासन से टूटा शहीद का परिवार
कासिमाबाद। शहीद की प्रतिमा कासिमाबाद चौक पर लगाने के लिए शहीद का परिवार तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी सारी मांगों को रख चुके है। लेकिन अब तक सभी जगहों से केवल कोरा आश्वासन ही मिला है। आश्वासनों से शहीद का परिवार पूरी तरह से टूट चुका है।