अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने भारतीय संविधान के रचयिता एवं देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि मनाई। इस मौके पर शहर के पीरनगर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर आयोजित विचार गोष्ठी में जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेता थे।
उन्होंने कहा कि देश का प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी सरलता-सादगी के पर्याय थे। उन्हें अपने पद का कभी भी अहम नहीं रहा। वह विलक्षण प्रतिभाग के धनी थे। बैठक में मौजूद सदस्यों ने प्रतिमा स्थल की दीवार पर एक कोटिंग द्वारा प्रचार लेखन लिखवाने पर आपत्ति व्यक्त जताते हुए रोष व्यक्त किया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगरपालिका अध्यक्ष से मिलकर डा. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को ऊंचाई पर स्थापित करने और प्रतिमा स्थल की दीवाल पर कोचिंग संचालक द्वारा लिखाए गए प्रचार को मिटाने की मांग की जाएगी। इस मौके पर मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश, पीयूष, अमरनाथ, चंद्रप्रकाश, आशुतोष, परानंद, राहुल, नन्हें, राजेंद्र अस्थाना, संतोष श्रीवास्तव, परवेज अहमद, विजय कुमार श्रीवास्तव, पारसनाथ सिंह, परशुराम लाल, डा. सुधीर आदि उपस्थित थे। संचालन मोहनलाल श्रीवास्तव ने किया।