गाजीपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद वर्ष 2018 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीबी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया है। इस आशय का पत्र शासन से जारी होते ही डीआईओएस ने जिले के करीब 900 विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश जारी किया है। इन विद्यालयों में 15 नवंबर तक सीसीटीवी कैमरे लगाकर रिपोर्ट जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय को देनी है। अभी तक 40 से 50 फीसदी विद्यालयों में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि विद्यालय प्रशासन द्वारा इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शासन स्तर से नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर पूरी सतर्कता और सजगता बरतने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। बोर्ड ने इस आशय का फरमान जारी किया है कि वही विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जहां सीसी टीवी कैमरे लगे होंगे। अब ज्यादातर विद्यालय परीक्षा केंद्र के लिए युद्धस्तर पर सीसीटीवी कैमरा लगाने में जुट गए हैं। जबकि 60 प्रतिशत से अधिक विद्यालय अंदर ही अंदर खेल करने में जुटे हैं। यह विद्यालय अपने यहां कुछ ही कमरों में सीसीटीवी कैमरा लगवा रहे हैं। जबकि अन्य कमरों को कैमरा विहीन रखा गया है। जबकि डीआईओएस कार्यालय से पूछे जाने पर सूचना गलत दी जा रही है। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र देव पांडेय ने कहा कि विद्यालयों को 15 नवंबर तक का समय दिया गया है। कुल 900 विद्यालयों को सीसीटीवी कैमरा लगने का निर्देश दिया गया है। जिसमें से 60 फीसदी विद्यालयों में कैमरा लग चुका है। अन्य विद्यालय इसे तेजी से लगा रहे हैं। कैमरा लगने के बाद इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाना है। विभाग परीक्षा केंद्र बनाने के लिए अंदर ही अंदर सूची तैयार कर रहा है। यूपी बोर्ड परीक्षा में जिले में नकल का खेल होता है। जिले में गैर प्रांत और जनपदों के बच्चे भी परीक्षा देने आते हैं। नकल माफिया परीक्षा के दौरान पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। कुछ चर्चित विद्यालय भी हैं, जहां प्रतिवर्ष ऐसे ही छात्र नामांकन कराते हैं, जिन्हें पास होना होता है। यह विद्यालय अभी से घबराए हुए हैं। सीसीटीवी कैमरा लगने से यहां नकल की गंगा कैसे बहेगी, इसकी चिंता अभी से लोगों को सताने लगी है।