गाजीपुर। जिले के परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में चल रही बाल वाटिका को सशक्त बनाने के लिए 170 अर्ली चाइल्ड हुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) एजुकेटर रखे जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग इनको संविदा पर 11 महीने के लिए रखेगा। इसके लिए इन्हें प्रति माह निर्धारित मानदेय मिलेगा।
जिले में कुल 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1462 प्राथमिक, 350 उच्च प्राथमिक एवं 454 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। जिले में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 899 केंद्र परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में पहले से ही को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में संचालित हैं, जहां बालवाटिका-1 से लेकर बालवाटिका-3 तक की शिक्षा दी जा रही है। इन केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों का नामांकन होता है। यहां पर बाल वाटिका के रूप में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की पढ़ाई होती है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं संबंधित स्कूल के शिक्षक ही नोडल की भूमिका निभाते हैं। ईसीसीई एजुकेटर संबंधित विद्यालयों के आंगनबाड़ी केंद्र को बाल वाटिका के रूप में विकसित करने, यहां नामांकित 3 से 6 वर्ष के बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा देने का काम करेंगे। इनका चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय समिति करेगी। इसमें डायट प्राचार्य, बीएसए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी आदि शामिल होंगे। ईसीसीई एजुकेटर के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक गृह विज्ञान मुख्य विषय के साथ 50 फीसदी अंकों के साथ पास हो या नर्सरी अध्यापक शिक्षा, एनटीटी, सीटी नर्सरी, डीपीएसई का दो वर्ष का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता हो। आवेदक की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होगी।