गाजीपुर। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एवं संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को निरीक्षण भवन में पूर्वांचल विद्युत निगम लि. के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिले में विद्युत से संबंधित क्रिया -कलापों के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां कम से कम 25 घर भी हों तथा शहर का आउटर एरिया भी गांव ही होता है उसे चिन्हित करते हुए विद्युत कनेक्शन दिया जाय। एक भी ऐसा घर नही होगा, जहां विद्युत कनेक्शन न मिले। हर हाल में लक्ष्य के सापेक्ष 31 दिसंबर तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा जहां भी कार्य पूर्ण किया जा रहा है अधिकारी उसका स्थलीय निरीक्षण करते हुए मानक के अनुसार लगाई गई सभी सामग्री सही जगह लगी है अथवा नहीं अवश्य चेक करें। कंपनी की तरफ से जो मजरा तैयार किया जाता है उसे 24 घंटे के अंदर ऊर्जीकृत करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्युत से संबंधित वीकली प्रोग्रेस की जानकारी ली। ट्रांसफार्मर के जलने के बाद बदलने में 20 दिन से अधिक समय लगने की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 48 घंटे में बदलने तथा रोस्टर के अनुसार विद्युत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से सेन्सिटिव एरिया के तारों की जो भी शिकायत की जाती है उसे सही कराया जाय। उन्होंने कहा कि पहले से ही विद्युत से संबंधित शिकायतों का निस्तारण अवश्य कर लिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा 15 दिसंबर से बिजली अदालत लगाई जाएगी। इसमें किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने ऊर्जा मंत्री के सम्मुख शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिए 132 केवीए के सब स्टेशन के जरूरत का प्रस्ताव रखा। बैठक में सदर विधायक डा. संगीता बलवंत, मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय, प्रबंध निदेशक. गोविंद राजू, जिलाधिकारी के.बालाजी, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह, एसडीएम सदर शिवशरणप्पा एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।