वाराणसी के मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने शनिवार को स्थानीय तहसील, कोतवाली और ब्लाक कार्यालय का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
तहसील पंहुचे मंडलायुक्त को पुलिस कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी के न्यायालय में पहुंचकर फौजदारी से जुड़े पत्रावलियों का मुआयना किया। 145 की पत्रावली में मिली खामियों पर फौजदारी पेशकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। 15 दिनों की मोहलत देते हुए एडीएम वित्त को निर्देश दिया कि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो पेशकार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राजस्व वसूली की स्थिति बेहद खराब मिली। अमीनों की ओर से 100 रुपए से एक हजार रुपए के दाखिले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक भी बैंक आरसी के सापेक्ष भुगतान नहीं हुआ और न ही विद्युत, सिंचाई आदि का मामला ही दर्ज है। वहां से रिकार्ड रूम पहुंचकर पत्रावलियों का मुआयना किया। ग्राम सभा की जमीनों से अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी के बालाजी, एडीएम राजेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्र, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार हर्षनारायण मौर्य, सुनील कुमार, सुरेन्द्र कुमार, कोतवाल राजाराम, उपनिरिक्षक ओंकार तिवारी, उपनिरीक्षक अजीत पांडेय आदि मौजूद रहे।