गाजीपुर। राज्य पक्षी सारस के लिए वन विभाग की ओर से जुलाई में 16 टीमों का गठन किया गया था। टीम की ओर से जनपद के 16 ब्लॉकों में पता लगाया गया। लेकिन, लाख कवायद के बाद भी जिले में एक भी सारस का पता नहीं चल पाया।
शासन की मंशा है कि राज्य पक्षी सारस के लिए वेटलैंड विकसित किया जाए। इसी क्रम में वन विभाग की ओर से बाकायदे टीम लगाकर सारस की गणना कराने का निर्णय लिया गया। लेकिन, जिले के 16 ब्लॉकों में से किसी में भी इसकी मौजूदगी का पता नहीं चल पाया। वहीं सारस ज्यादातर नम भूमि वाले खेतों, तालाबों के अलावा वेटलैंड में पाए जाते हैं। इनका घोंसला कम पानी के पास झाड़ियों और घास में पाया जाता है। सारस आमतौर पर दो से पांच के समूह में रहते हैं। इनकी मौजूदगी के बारे में पता न चल पाने का कारण खेतों में बड़ी मात्रा में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल है। इसकी वजह से अनाज और पानी विषैला हो रहा है, जो सारसों के लिए हानिकारक है। साथ ही समय के साथ जनपद के गांवों में वेटलैंड खत्म होते जा रहे हैं। यही कारण है कि गणना में सारस के बारे में पता नहीं चल पाया।
सारस गणना को लेकर जनपद के सभी ब्लॉकों में गणना अभियान चलाया गया था। लेकिन, सारस नहीं मिल पाया। अगर किसी को इसके बारे में पता चलता है, तो विभाग को सूचित करें। - अजीत सिंह, डीएफओ