बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आसाम, मणिपुर, मेघालय राज्यों के अलावा नेपाल राष्ट्र तक से श्रद्धालु जनपद के रास्ते प्रयागराज महाकुंभ आ-जा रहे हैं।
पिछले 23 दिनों में महाकुंभ से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं पर नजर डालें तो उनकी 16 गाड़ियां दुर्घटना की शिकार हो चुकी हैं। इसमें 16 श्रद्धालुओं की मौत हुई और 109 घायल हुए।
अधिसंख्य हादसे चालकाें की अधूरी नींद, तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की वजह से हुए हैं।
हादसों पर नजर करें तो सबसे अधिक दुर्घटनाएं गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन पर हुए। इसमें भी नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसम्ही कला हाइवे के समीप 20 दिनों सड़क हादसे में 11 लोगो की मौत हो गई।
जबकि 22 लोग घायल हो गए। वहीं, घटनाक्रम की बात करें तो शुक्रवार को कुसुम्हीकला में स्कार्पियों का टायर फटने से दो लोगों की मौत हो गई। जबकि छह लोग घायल हो गए।
बृहस्पतिवार की रात बिरनो थानाक्षेत्र के मिर्जापुर टोल पृथ्वीपुर बस स्टैंड के पास खड़े ट्रेलर में कार के टकराने से बिहार निवासी चार लोगों की मौत हो गई। जबकि एक श्रद्धालु ट्रामा सेंटर में जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहा है।
इसी रात ही कासिमाबाद थाना क्षेत्र के महरौर चौराहे के पास बलिया मार्ग पर सामने से आ रही कार से स्कार्पियो की आमने-सामने टक्कर हो गई। इससे स्कॉर्पियो में सवार कुल सात लोग घायल हो गए।
बिरनो थानाक्षेत्र में ही एक दिन पहले भड़सर गांव के पास अनियंत्रित बस पलट गई, जिसमें सवार 40 में से 13 श्रद्धालु घायल हो गए। इसके पहले नंदगंज और सैदपुर इलाके में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर ही श्रद्धालुओं की एक-एक गाड़ियां लड़ीं, जिनमें सात श्रद्धालु घायल हुए।
बीते शुक्रवार की रात गाजीपुर-गोखपुर फोरलेन पर एक गाड़ी और जमानिया क्षेत्र में एक गाड़ी दुर्घटना की शिकार हुई। दोनों घटनाओं में सभी श्रद्धालु बाल-बाल बच गए।
हालांकि एक श्रद्धालु को अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, शनिवार की सुबह नौ बजे गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन पर मीरनापुर सक्का गांव के पास ने 50 से अधिक नेपाल से प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई।
इस बस के पलटने की वजह चालक के लगातार बस चलाते हुए थकान के कारण सामने आई, जो नींद की झपकी आने की वजह से गुटखा खाने की कोशिश कर रहा था लेकिन गाड़ी पर इसी समय नियंत्रण खो दिया और वह पलट गई।
इससे जहां एक श्रद्धालु की मौत हुई वहीं, 25 श्रद्धालु घायल हो गए। इसके चार दिन पहले 11 फरवरी की रात तीन स्थानों पर श्रद्धालुओं की गाड़ियां दुर्घटना की शिकार हुई, जिसमें 15 श्रद्धालु घायल हुए। इनमें एक दो घटनाएं चालक को नींद की झपकी लगने और एक में तो वाहन चालक के नशे में होने के कारण हादसा हुआ।
जबकि इसके पहले 28 जनवरी को महाकुंभ स्नान करके बिहार के मुज्जफरपुर जा रहे 24 तीर्थयात्रियों से भरी बस सहेड़ी हाईवे के पास सड़क पर कोहरे के कारण हादसे का शिकार हो गई थी।
घटना में चार श्रद्धालु घायल हुए। 31 जनवरी को संगम स्नान से जा रहे 24 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप रेवसा के सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेलर की चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हो गई थी।
जबकि दस लोग घायल हो गए। 29 जनवरी की रात सैदपुर क्षेत्र के मदारीपुर में 37 तीर्थ यात्रियों से भरी पिकअप मोेड़ पर पलट गई थी। इसमें 13 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए थे।
हादसे में तेज रफ्तार और ओवरटेक करने का मामला सामने आया था। वहीं, जमानिया इलाके में ऑटो के कार से कटराने से सात महिलाएं घायल हुई थीं। महाकुंभ के दौरान आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों के जान गंवाने और घायल होने के सिलसिले ने लोगों को चिंतित कर दिया।