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अधर में लटका है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन

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सादात। स्थानीय विकास खंड के पश्चिम तरफ स्थित करीब सौ साल पुराना न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में एक करोड़ 87 लाख 58 हजार की लागत से बनकर तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन संसाधनों के अभाव में अधर में लटका हुआ है। यह विडंबना ही कही जाएगी कि तीस बेड के इस केंद्र में अभी तक एक बेड भी उपलब्ध नहीं है। विभागीय निष्क्रियता के चलते पिछले डेढ़ वर्ष से केंद्र की यह स्थिति बनी हुई है। इसका खामियाजा क्षेत्र के रोग ग्रसित मरीजों, प्रसव पीड़ित महिलाएं व बीमार शिशुओं को भुगतना पड़ रहा है।
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इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य भवन बनकर तैयार है। भवन में ओपीडी, प्रसव वार्ड, आपरेशन थिएटर, एक्स-रे कक्ष, दंत रोग वार्ड बना है। दुर्भाग्य की बात यह है कि डेढ वर्ष पूर्व इसका हस्तांतरण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड भदोही इकाई मलदहिया वाराणसी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को कर दिए जाने के बावजूद इसमें संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए। आज स्थिति यह है कि यहां पर एक्सरे मशीन नहीं है। दंत रोग की मशीन और औजार नहीं है। तीस बेड के इस केंद्र में अभी तक एक बेड भी उपलब्ध नहीं है। यहां स्वीपर और बाबू नहीं है। इस केंद्र के मुख्य भवन के सभी कमरों में गंदगी भरी पड़ी है। इसके सामने घास-फूस का अंबार लगा हुआ है।
कार्यदाई संस्था उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के जेई धर्मदेव चतुर्वेदी ने बताया कि इस केंद्र का शिलान्यास आठ मई 2006 को किया गया था। जबकि निर्माण कार्य की शुरुआत 11 फरवरी 2007 से की गई। वर्ष 2013 में इसे बनाकर तैयार कर तैयार कर लिया जाना था लेकिन धन के अभाव के चलते निर्माण कार्य में विलंब हुआ। उन्होंने बताया कि धन की किश्त उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य को अक्तूबर 2017 में पूर्ण कर मुख्य चिकित्साधिकारी को हस्तांतरित कर दिया गया। इसके बाद 27 नवम्बर 2017 को मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर एवं सादात के प्रभारी चिकित्सक को आदेश भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन की प्रकिया शीघ्र शुरू करने को कहा था। उसके बाद डेढ़ वर्ष का समय बीत गया लेकिन इसका संचालन नहीं कराया जा सका।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में मौजूद चीफ फार्मासिस्ट ओमकारनाथ पांडेय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार है लेकिन संसाधनों का अभाव है। इसके चलते इसका संचालन स ंभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र की कमियों और इसका संचालन किए जाने के संबंध में हर महीने विभागीय पत्र भेजे जा रहे हैं।

इस केंद्र पर चार डॉक्टरों का पैनल तैनात कर दिया गया है। बताया कि यहां पर 15 कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है लेकिन अभी तक यहां स्वीपर और बाबू की नियुक्ति नहीं की गई है। यहां जेनरेटर भी नहीं है। एक्सरे मशीन नहीं है। दंत रोग से संबंधित उपकरण उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्य भवन और परिसर की साफ-सफाई के लिए नगर पंचायत सादात के चेयरपर्सन से कहा गया है। जैसे ही यह कार्य पूर्ण होगा, तत्काल केंद्र का संचालन कर दिया जाएगा।
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डॉ. रमेश प्रसाद
वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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