गाजीपुर। विकास की मुख्य धारा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए पंचायती राज प्रणाली का सशक्तिकरण विषयक कार्यशाला का आयोजन सोमवार को आरटीआई सभागार में किया गया। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य अनूप कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आपदा का कहर तो भयंकर होता ही है लेकिन कुछ बातों का ध्यान रख कर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। बताया गया कि प्राकृतिक आपदाओं को लेकर सरकार गंभीर है। नुकसान के प्रभाव को कम किया जाय इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।
कहा कि आपदा का तात्पर्य होता है अचानक होने वाली विध्वंसकारी घटना। इसमें व्यापक धन-जन और वातावरण की क्षति होती है। महिलाओं बच्चों समेत हर तबके पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सत्र प्रभारी एसके यादव ने बताया कि इस कार्यशाला में 25 अक्तूबर तक आपदा पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आशुतोष कुमार राय ने राज्य की पहल एवं जिला आपदा प्राधिकरण का गठन, उद्देश्य, भूमिका आदि के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर पहले दिन आपदा प्रबंधन की अवधारणा के साथ ही देश तथा प्रदेश की संवेदनशीलता पर चर्चा की गई। इस मौके पर प्रशिक्षक कन्हैया राम, आनंद श्रीवास्तव, सूर्याभान सिंह, विनीत राय आदि उपस्थित रहे।