दुबिहा। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के समय हुए रेल हादसे में करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बगेन गांव के प्रदीप सिंह कुशवाहा (22) तथा उसके भतीजे सार्थक (4) की मौत हो गई। इस घटना में भतीजी काजल (7) गंभीर रुप से घायल है, उसका इलाज वहीं अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है। प्रदीप अपने भाई रामविलास के साथ वहीं रहकर सब्जी कारोबार में हाथ बंटाता था। अभी हाल ही में वह यहां से वहां गया था। उसकी शादी की बात चल रही थी तथा इसी माह लड़की देखने तथा सगाई की रस्म भी होनी थी। इस हादसे के बाद पूरे घर में कोहराम मचा हुआ है। उसके पिता शिवकुमार तथा माता दुलरिया देवी के आंसू रुक नहीं रहे हैं।
बगेन गांव के शिवकुमार कुशवाहा के दो पुत्रों में प्रदीप छोटा था। वह काफी हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था। उसका बड़ा भाई रामविलास अमृतसर के पास सब्जी का व्यवसाय करता है। वह भी उनका हाथ बंटाता था। अभी हाल ही में वह गांव से गया था। उसकी भाभी को बेटा हुआ था और वह खुश होकर यहां से सगुन आदि का सामान लेकर गया था। दशहरा के दिन वह अपने बड़े भतीजे सार्थक और काजल को लेकर रावण दहन तथा मेला दिखाने ले गया था। तभी वह रेलगाड़ी की चपेट में आ गया। देर रात यह खबर जब रामविलास ने फोन पर दी तो परिजन दहाड़े मारकर गिर पड़े। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। जानकारी मिलने के बाद उसकी दोनों बहनें मुन्नी तथा सुनीता कुशवाहा भी अपने-अपने ससुराल से आ र्गइं। इस मामले में जिला प्रशासन ने किसी भी अधिकृत जानकारी से इंकार कर दिया। एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि रेल हादसे में गाजीपुर के किसी व्यक्ति के मृत होने की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।