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यहां भी हो सकता है अमृतसर जैसा रेल हादसा

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गाजीपुर। लगातार हो रहे रेल हादसों के बाद भी लोग सचेत नहीं हो रहे हैं। कभी रेलवे फाटकों के बंद होने पर उसके नीचे से गाड़ियां पार कराने लगते हैं तो कभी स्टेशनों पर पटरियों से गुजर कर प्लेटफार्मो पर जाते हैं। जमानिया, नंदगंज, सैदपुर, गाजीपुर आदि रेलवे फाटकों पर रोजाना इस तरह का नजारा देखने को मिलता है। यात्रियों की यह लापरवाही आए दिन हादसों का कारण बनती है। दिलदारनगर जंक्शन पर पटरियों के बीचोंबीच सायर माता के मंदिर पर थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा करा सकती है। इधर, रेलवे प्रशासन लगातार अपनी जिम्मेदारी से भागता है। सब कुछ जानने के बाद भी कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है।
दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार यहां के प्लेटफार्म नंबर तीन और पांच के मध्य में स्थित मां सायर माता का मंदिर स्थापित है। स्थापना दिवस, नवरात्र और अन्य अवसरों पर भी यहां काफी भीड़ होती है। सायर माता के मंदिर से सटी दो रेल पटरियां हैं। हावड़ा दिल्ली मेन रूट होने के कारण लगभग हर पांच मिनट पर एक ट्रेन गुजरती है। इस ट्रैक पर कई गाड़ियां तेज रफ्तार में दौड़ती है। इस मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम रेल विभाग की ओर से नहीं किया जाता है। दर्शन करने वाले रेल यात्री भी होते हैं। सायर माता में आस्था रखने वाले रेलयात्री भी प्लेटफार्म से उतरकर रेलवे लाइन को पार कर मंदिर में जाकर दर्शन करते हैं और पुन: लौटकर उसी रेल पटरी को पार कर प्लेटफार्म पर चढ़ते हैं। इस कारण अक्सर कोई न कोई ट्रेन की चपेट में आ जाता है। पिछले महीने कुसी गांव निवासी रामाश्रय कुशवाहा की पत्नी पुनीता (60) की सायर माता मंदिर में दर्शन कर रेलवे पटरी को पार कर प्लेटफार्म पर चल रही थी तभी ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी। जमानिया रेलवे क्रासिंग के पास भी हमेशा लोगों को फाटक के नीचे से पार करते हुए देखा जा सकता है। यह क्रासिंग बाजार के बीच में ही पड़ती है इसलिए लोग हमेशा जल्दबाजी दिखाते रहते हैं। वाराणसी-बलिया रेल मार्ग पर नंदगंज बाजार से ठीक पहले का फाटक बंद हो जाता है लेकिन फिर भी यात्री इसे नीचे से पार करते रहते हैं। यहां के स्टेशन पर भी पटरियों पर हमेशा लोगों को टहलते देखा जा सकता है। इसी प्रकार गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर भी लोग ओवरब्रिज का उपयोग नहीं करते। अक्सर पटरी के माध्यम से ही उस पार चले जाते हैं। शहर में महाराजगंज से कठवामोड़ तक कुल चार रेलवे क्रासिंग है, जिसमें से एक मानवरहित है।
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सुरक्षा को लेकर रहते हैं सतर्क
दिलदारनगर। राजकीय रेलवे पुलिस के चौकी प्रभारी डीपी यादव ने बताया कि यहां की सुरक्षा को लेकर हम काफी सतर्क रहते हैं। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। फिर भी विशेष अवसरों पर मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाती है।
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