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लंका बस स्टैंड पर रोज थमते है वाहनों के पहिए

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गाजीपुर। लंका बस स्टैंड के पास वाहनों की रफ्तार धीमी होना आम बात हो गई है। यहां आए दिन लोगों को जाम का झाम झेलना पड़ रहा है। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि पिकेट पर तैनात पुलिस कर्मी भी जाम को अनदेखा कर मूकदर्शक बने रहते हैं।
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लंका बस स्टैंड के पास प्रतिदिन लोगों को जाम का झाम झेलना पड़ रहा है। इस स्टैंड से हर 15 मिनट पर वाराणसी के लिए बसें निकलती हैं। वाराणसी से बसों के आते सवारी लेने के चक्कर में टेंपो चालक वाहनों को स्टैंड के पास आड़े-तिरछा खड़ा कर देते हैं, जिससे मार्ग पर दौड़ रहे अन्य वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और देखते ही देखते लोग जाम की जकड़न में जकड़ जाते हैं। स्टैंड से बसों को वाराणसी के लिए रवाना होने के दौरान सवारी के चक्कर में बसों को कुछ दूरी तक चालक धीमी गति से ले जाते हैं, जिससे जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। यही नहीं स्टैंड के पास सड़क की पटरियों पर ठेले-खोमचे वालों द्वारा अतिक्रमण कर लिए जाने से भी सड़क संकरी हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ वर्ष पहले साइकिल से गंगा स्नान करने जा रहे एक युवक की साइकिल सड़क पर खड़े ठेले से टकरा गई, जिससे पीछे बैठी उसकी पत्नी सड़क पर गिर गई थी। पीछे से आ रहे ट्रक ने उसे रौंद दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। खास बात यह है कि स्टैंड पर वाहनों के पहिये रोज थमते हैं, लेकिन पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी आंखे मूंदे बैठे रहते हैं। मार्ग पर आड़े-तिरछे वाहनों को खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं समझते हैं। ऐसे वाहनों की वजह से जब जाम पूरी तरह से विकराल रूप धारण कर लेता है, तब वे इसकी सुधि लेते हैं। उनके शांत रहने से वाहन चालक भी अपनी मनमानी करते रहते हैं, जिसका खामियाजा मार्ग पर आवागमन करने वालों को भुगतना पड़ता है। इस संबंध में यातायात प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि अभियान चला कर मार्ग पर वाहनों को खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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