सैदपुर। नगर के दुकानदारों पर पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों का जरा भी खौफ नहीं दिखाई रहा है। शायद यही कारण है कि वह अपनी दुकानों को पटरियों तक सजा रहे हैं। इससे राहगीरों को जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। रेलवे क्रासिंग बंद होने के दौरान लोगों की परेशानी और बढ़ जा रही है। कभी आधा तो कभी डेढ़ से लेकर दो घंटे तक वाहनों की कौन कहे, लोगों के पैर भी थम जा रहे हैं।
नगर में सड़क की पटरियों पर अस्थाई दुकानें लगने के साथ ही स्थाई दुकानदार भी पटरियों तक सामानों को सजा दे रहे हैं। इससे पटरी अवरुद्ध हो जा रही है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि आए दिन लोगों को जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। पटरियों पर सामानों के होने की वजह से वाहनों का निकल पाना संभव नहीं हो रहा है। अगर कोई वाहन चालक अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का विरोध करता है तो वह उनसे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। जाम की सबसे भीषण समस्या उस समय उत्पन्न हो जाती है, जब ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे क्रासिंग बंद हो जाती है। कुछ ही देर में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
इस दौरान पटरी पर सजी दुकानें कोढ़ में खाज का काम करती है। लोगों को पटरियों का लाभ नहीं मिल पाता है। जाम में अन्य लोगों के साथ एंबुलेंस के साथ ही स्कूली वाहन भी फंसे रहते हैं। एक कदम पैदल निकल पाना भी लोगों के लिए संभव नहीं हो पाता है। कभी आधा तो कभी डेढ़ से लेकर दो घंटे तक लोगों को जाम में हांफना पड़ता है। इस जटिल समस्या को देखते हुए पूर्व में आए पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने नगर की सड़कों से अतिक्रमण हटवाने का एक सफल प्रयास किया था, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक कम हुई थी लेकिन बाद में फिर से दुकानदारों ने पटरियों को अपने कब्जे में ले लिया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सत्यम मिश्र ने कहा कि समय-समय पर अतिक्रमण हटवाया जाता है लेकिन बाद में फिर से दुकानदार अतिक्रमण कर लेते हैं। शीघ्र ही अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कराई कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि वह दोबारा अतिक्रमण न करें और समस्या का समाधान हो सके।