गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अजय पाल सिंह की अदालत ने 11 वर्ष पूर्व कासिमाबाद थाना क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में पांच अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कासिमाबाद थाना क्षेत्र के फत्तेहपुर गांव निवासी शिवकुमार यादव पुत्र शंभू नाथ यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 16 जुलाई 2006 को सुबह नौ बजे दिन में अपने घर कासिमाबाद बाइक से आ रहा था। साथ में मिर्जापुर गांव निवासी दिलीप सिंह उर्फ गुड्डू मौजूद थे। नेशनल इंटर कालेज के पास खजुरगांव जाने वाले रास्ते पर मेख गांव निवासी मानसिंह उर्फ मुन्ना पुत्र जमुना सिंह, संतोष सिंह उर्फ गुड्डू पुत्र दुर्गविजय सिंह, पप्पू सिंह उर्फ संदीप सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह, रिंकू सिंह उर्फ धनंजय सिंह पुत्र वशिष्ठ सिंह और अमित सिंह पुत्र अवधेश सिंह घात लगाकर बैठे थे। इन लोगों बाइक रोककर गाली देते हुए उतारकर मारने-पीटने लगे। चिल्लाने की आवाज सुनकर किसी ने मित्र सत्येंद्र को सूचना दी कि शिव कुमार और दिलीप बुरी तरह से मारपीट रहे हैं। सूचना पर मित्र सत्येंद्र और अन्य कई लोग मौके पर पहुंच गए। मानसिंह, संतोष और अमित सिंह ने अपने हाथ में तमंचा निकाल लिया। मानसिंह ने मित्र सत्येंद्र पर फायर कर दिया तथा धमकी देते हुए कहा कि 50 हजार रुपये रंगदारी न देने पर और भी गोली चलेगी। साथ ही तमंचा लहराते हुए भाग निकले। घायल मित्र सत्येंद्र जिला अस्पताल लाया गया। जहां से चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी से इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। जहां से घर वापस आने के बाद मित्र सत्येंद्र की मौत हो गई। तहरीर के आधार पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ 302, 147, 148, 307, 323, 504, 506 भादवि का मुकदमा दर्ज कराया गया। विचारण के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता दयाशंकर सिंह कुशवाहा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की तर्कों को सुनने बाद अदालत ने उपरोक्त अभियुक्तों हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।