सेवराई। गंगा और तालाब दूर होने से करबनिया का डेरा के ग्रामीण नहर के किनारे पूजा की वेदी बनाकर वर्षो से छठ पूजा करते आ रहे हैं लेकिन इस बार पानी नहीं होने से ग्रामीण नहरों के दोनों तरफ बंधा बनाकर ट्यूववेल से पानी भरकर पूजा करने को विवश हैं। पंप कैनाल के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना था कि एक तरफ जहां इस बार मानसून ने पूरी तरह धोखा दे दिया। वहीं पंप कैनाल से नहर में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने के चलते खेतों में लगी धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नहर में पानी छोड़ने के लिए पंप कैनाल के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन स्थिति जस की जस बनी हुई है। गंगा नदी और तालाब की दूरी अधिक होने के चलते गांव की व्रती महिलाएं वर्षो से नहर के किनारे वेदी बनाकर छठ पूजा करती आ रही है। इस बार नहर में पानी नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने छठ पूजा के लिए नहर के दोनों सिरे को बंधा बनाने के साथ ट्यूववेल से पानी भरकर तालाब बनाया। उसके बाद व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। गांव निवासी संजय और जीवत प्रकाश आदि ने बताया कि नहर में पानी नहीं होने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां किसान परेशान हैं वहीं छठ पर्व पर नहर में अर्घ्य देने भर भी पानी नहीं है। इस संबंध में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल जमानिया के सहायक अभियंता फूलचंद मौर्य ने बताया कि क्षमता से 4 गुना से अधिक पंप चल जाने के कारण उसकी कार्य क्षमता कम हो गई है। विद्युत सप्लाई की कमी और लो वोल्टेज के चलते पंप कैनाल पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।